सूर्यग्रहण के बाद राशियों को रखनी होगी सावधानी, लगभग 3 महीने तक रहता है ग्रहण का असर

जीवन मंत्र डेस्क. चंद्र, सूर्य और पृथ्वी के बीच आने से सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता और हमें ग्रहण का अनुभव होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को आत्मा का कारक कहा गया है और चंद्र को मन का कारक कहा गया है।अर्थ है, सूर्य हमारे भीतर आत्मा का प्रकाश दर्शाता है और चंद्र हमारी मनःस्थिति दर्शाता है।

पं. आशुतोष चावला , ज्योतिषी, आर्ट ऑफ़ लिविंग- वैदिक धर्म संस्थान के अनुसार मन क्या है? हमारी इंद्रियों से हम जो भी अनुभव लेते हैं या हमारी भावनाएँ, हमारे अंतःकरण में कहीं ना कहीं संग्रहित हो जाती है। ये संग्रहित अनुभव हमें अलग अलग अनुभूति करवाते हैं। कुछ चेतन कुछ अचेतन जगह में बस जाते हैं । ये सारी अनुभूतियाँ जहाँ संग्रहित होते हैं उसे मन कहते हैं। आध्यात्मिक भाषा में हमारी आत्मा के प्रकाश को ढ़ंक देते हैं, उसे सूर्य ग्रहण कहते हैं।

इस सूर्य ग्रहण का असर लगभग अगले 3 महीने तक रहेगा। इस दौरान हर राशि वालों को कुछ लाभ-हानि की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव और उनके उपाय: -

  • मेष

खयाल रखना है कि अपने कार्यालय में अपने वरिष्ठो से आपके संबंध ठीक रहे हैं। आप किसी तरह के आगे ना पड़े। अपने पिता से किसी तरह की बहस या झगड़े में ना पड़े। हो सके, ज्ञान में रहे। गुरु आज्ञा का पालन करें। अगर आप गुरु पूजा में दीक्षित हैं तो आने वाले ३ महीनों तक हर रोज गुरु पूजा करें। अगर दीक्षित नहीं है तो साधारण गुरु मंत्र 'गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा, गुरु साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्री गुरावे नमः' या फिर, 'ओम श्री गुरावे नमः' केवल इतना मंत्र का जाप १०८ बार रोज करें।

  • वृषभ

इस राशि से यह ग्रहण आठवें स्थान में हो रहा है। आठवां स्थान अपघात और कुछ पुराने कर्मों को दर्शाता है। वाहन सावधानी से चलाएँ। चलाते वक्त बात बिल्कुल न करें। आठवें स्थान पर दुष्प्रभाव हटाने के लिए मौन और ध्यान का विशेष महत्व है। प्राणायाम करे।

  • मिथुन

इस राशि वालों के लिए ग्रहण सातवें भाव में होने वाला है। सातवां भाव हमारे वैवाहिक जीवन को दर्शाता है। अपने जीवन साथी का अप्रतिबंधित रूप से सहयोग करें। रोज श्री रुद्रम का पाठ अवश्य सुने। थोड़ा सा जोगिंग करें। आपका व्यवसाय मास कम्युनिकेशन से जुड़ा हुआ है जहां पर आपको लोगों से बात करनी पड़ती है, अक्सर लोगों का सामना करना पड़ता है तो थोड़ा ध्यान रखें कि आपके शब्द नपे तुले हो, बहुत सोच समझ कर बात करें। हो सकता है कि लोगों को आपकी बात ठीक ना लगे, कुछ गलतफहमियां हो जाए। इस बात पर थोड़ा अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

  • कर्क

इस राशिवालों के लिए यह ग्रहण छठे भाव में पड़ने वाला है। छठा भाव रोग, ऋण, शत्रु, मुकदमेबाजी इन सब चीजों को दर्शाता है। अगर आपने कोई ऋण ले रखे हैं तो वह भी बढ़ने की संभावना है। शत्रुओं से ज्यादा विवाद में ना पड़े क्योंकि हो सकता है बात बिगड़ जाए। कोर्ट, मुकदमेबाजी से जितना हो सके बचें। अगर कोई पहले से चल रहा है तो जहां तक हो सके उसके विभाग स्थगित करने की कोशिश करें। बहुत अच्छा समय नहीं है। अगर हो सके तो थोड़ा ब्रह्मचर्य का भी पालन करें। जरूरतमंदों की मदद करें।

  • सिंह

सिंह राशि वालों के लिए यह ग्रहण पांचवे भाव में होने वाला है। पांचवा भाव संतान का, विद्या का, मंत्र का, होता है। इस वक्त आपको आपके संतान के स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देना पड़ेगा। अगर आप विद्यार्थी हैं, पढ़ाई कर रहे हैं तो पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा। रोज जितना समय पढ़ाई करते है उससे थोड़ी ज्यादा पढ़ाई आने वाले 3 महीनों में करनी पड़ेगी। जिनकी अभी शादी नहीं हुई है। उन लोगों के लिए खास तौर पर उनके प्रेम संबंधों में थोड़ी सी मुश्किल हो सकती है। अपने प्रेम संबंधों में कुछ ज्यादा अपेक्षाएं न रखें और जहां तक हो सके देने के भाव से रहें। इस समय आपको पेट संबंधी रोग भी हो सकते हैं यह बहुत जरूरी है कि आप समय पर खाना खाएं संतुलित मात्रा में खाना खाएं और ज्यादा मसालेदार न खाए। अम्लता, पीत, वात इन सब की संभावना बनी रहेगी। मंत्र जाप करना बहुत आवश्यक है। जो भी इष्ट देवता के मंत्र हैं उसे रोज दिन में तीन बार अवश्य करें।

  • कन्या

कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण चौथे भाव में होने वाला है। चौथा भाग सुख भाव होता है। आपकी माता के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। अपनी माता के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखें। आपके वाहन पर असर पड़ सकता है। आपकी वाहन में कुछ टूट-फूट हो सकती है। आपके घर में कुछ टूट-फूट हो तो उन सब चीजों पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है। थोड़ी नकारात्मकता आ सकती है। ग्रहण के पश्चात अपने घर की अच्छे से सफाई करें। पूरी तरह से सफाई करवाने के बाद एक छोटा हवन, होम जरूर करवाएं।

  • तुला

अपने गले का थोड़ा ख्याल रखें। हो सकता है कि गले में थोड़ी खराबी हो जाए कुछ खाने पीने की वजह से। अपने भाई-बहनों के साथ खास तौर पर छोटे भाई बहनों के साथ समन्वय बनाकर रखें, उनके साथ किसी तरह के विवाद में ना पड़ें। अगर आप कुछ नया शुरू करने वाले हैं तो थोड़ा इंतजार करें, यह समय बहुत अच्छा नहीं रहेगा। अपने गुरु द्वारा प्राप्त ज्ञान को लोगों तक पहुंचाएं। छोटी यात्राओं पर अगर आप जाने वाले हैं तो वहां पर भी थोड़ी परेशानी की संभावना बढ़ सकती है। हर छोटी यात्रा से पहले अपने गुरु को प्रणाम करके, अपने इष्ट देवता को प्रणाम करके वह यात्रा प्रारंभ करें।

  • वृश्चिक

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह दूसरे भाव में होने वाला हैं। जिसे हम कुटुंब अभाव कह सकते है। हो सकता है पारिवारिक स्थिति कुछ इस तरह से बने जिसकी वजह से आपको कुछ परेशानी हो तो कुछ विवाद उत्पन्न हो सकते हैं तो इस वक्त परिवार को साथ लेकर चलना है। जो भी कुछ खा पी रहे हैं वह देख परख कर खाएं। खाद्य विषायण हो सकता है। जो शब्द आपके मुख से निकल रहे हैं उस पर ध्यान देना आवश्यक है कि वह सही है या नहीं। समाज की सेवा का भाव रखें। परिवार की सेवा का भाव रखें।

  • धनु

धनु राशि वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकी सूर्य ग्रहण धनु राशि में ही हो रहा है। आपके चंद्र के ऊपर से इन सब ग्रहों का भ्रमण रहेगा। अपनी भावनाओं का विशेष ख्याल रखें। आपकी मन:स्थिति का विशेष ख्याल रखें इस ग्रहण की वजह से हो सकता है कि आपके मन के भीतर के पुराने संस्कार जो अवचेतन में कहीं दबे हुए थे वह उभर कर सामने आए या कुछ ऐसे भए प्रकट हो जाए जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं था तो इस वक्त बहुत आवश्यक है कि आप अपने मन को संतुलित रखें। अगर आप सुदर्शन क्रिया करते हैं तो अगले तीन महीनों तक रोज करते रहे और हफ्ते में एक बार दीर्घ सुदर्शन क्रिया भी अवश्य करें। प्राणायाम, ध्यान करें। जितना हो सके उतना पानी पिएं। अगर आपको थोड़ी थकान महसूस होने लगी है, अभी से कुछ नकारात्मकता महसूस होने लगी है, कुछ अनजाने डर आपको अभी से सताने लगे हैं तो आप विशेष ध्यान दें।

  • मकर

मकर राशि वालों के लिए यह ग्रहण बारहवें भाव में हो रहा है। बारहवें भाव में होने का अर्थात अगर आप विदेश यात्रा कर रहे हैं या विदेश में है तो ग्रहण के दौरान आपको विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। परेशानियां बढ़ सकती हैं। नींद में परेशानी हो सकती है। सही समय पर सोना सही समय पर जागना होगा। ध्यान में अजीब अनुभव हो सकते हैं। अपने गुरु से इस बात पर चर्चा कर सकते हैं।

  • कुंभ

कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण एकादश भाव में यानी 11वें स्थान में हुआ है। इस स्थान में किसी भी ग्रह की स्थिति केवल फायदा ही देती है। फिर भी 11वें स्थान में होना कुछ परेशानियों को इंगित करता है। आपके मित्रों के साथ और आपके बड़े भाई बहनों के साथ कुछ गलतफहमी होने की संभावना है तो आप जहां तक हो सके किसी भी मतभेद में या किसी विवाद में अपने बड़े भाइयों, मित्रों के साथ ना पड़े। इस समय को निकल जाने दे। कुछ समय बाद जो भी गलतफहमी हुई है वह अपने आप ही सुलझने वाली हैं। बहुत अच्छा समय है। सारे ग्रहों की युति आपसे 11वें स्थान में आपके लिए अत्यंत लाभदायक है। सत्संग कर सकते हैं।

  • मीन

मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण दसवें स्थान में पड़ेगा। दसवां स्थान कर्म का स्थान होता है, जैसे नौकरी, व्यवसाय। कुछ भी काम कर रहे हैं या सेवा कर रहे हैं आपके कर्म में कुछ रुकावटें, कुछ परेशानियाँ पैदा हो सकती है। अपने काम में अपना शत प्रतिशत देते जाएं।



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