मंगलवार को चैत्र मास की अमावस्या, ये पितरों के लिए धूप-ध्यान करने की तिथि है

जीवन मंत्र डेस्क. मंगलवार, 24 मार्च को चैत्र मास की अमावस्या है। इसके बाद बुधवार, 25 मार्च से चैत्र मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। देवी पूजा में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसीलिए नवरात्रि से पहले अमावस्या पर ही पूरे घर की सफाई कर लेनी चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार हर माह अमावस्या तिथि पर पितरों के लिए विशेष धूप-ध्यान करना चाहिए। ये पितरों की तिथि मानी गई है।

> अमावस्या पर कुटुंब के सभी मृत लोगों के लिए श्राद्ध कर्म करना चाहिए। मंगलवार को कोरोनावायरस की वजह से पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही पवित्र तीर्थ और नदियों के नामों का जाप करते हुए स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद दान-पुण्य करना चाहिए।

स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करें। इसके लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें। ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।

> घर में जहां पितरों के लिए धूप-ध्यान करना है, वहां गंगाजल छिड़के, गाय के गोबर से लीपकर उस जगह को पवित्र करें। घर में गौमूत्र का छिड़काव करें।

> पितरों के धूप-ध्यान करने के लिए शुद्ध सात्विक भोजन बनाएं। खीर-पुड़ी और सब्जी बना सकते हैं। पितरों के लिए विधि-विधान से तर्पण और श्राद्ध कर्म करें। गोबर के कंडे जलाकर उस पर गुड़-घी डालकर धूप देना चाहिए। पितरों को याद करना चाहिए। पितरों के नाम लेकर जलते हुए कंडे पर दूध, दही, घी और खीर अर्पित करें।

> अमावस्या पर ब्राह्मणों को भोजन कराने की परंपरा है। जरूरतमंद लोगों को भोजन दें। संभव हो तो अनाज और धन का दान करें।



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