Gudi Padwa 2020: 25 मार्च मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा, जानिए इसका इतिहास, शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली. चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा Gudi Padwa 2020 कहते हैं। इस दिन से हिन्दू नव वर्ष आरंभ होता है। इस बार यह पर्व 8 अप्रैल 2016 को है। गुड़ी का अर्थ है विजय पताका। कहा जाता है कि इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसी दिन से नया संवत्सर भी शुरू होता है। gudi padwa 2020 का पर्व इस वर्ष 25 मार्च दिन बुधवार को मनाया जाएगा। इस तिथि को 'नवसंवत्सर' भी कहते हैं। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी होता है।

जानिए क्या है शुभ मुहूर्त

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। इस वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 24 मार्च दिन मंगलवार को 02:57 बजे हो रहा है। इसका समापन 25 मार्च दिन बुधवार को शाम 05:26 मिनट बजे होगा। ऐसे में यह पर्व 25 मार्च को मनाया जाएगा।

मनाने के पीछे ये है कारण

कई लोगों की मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने बाली के अत्याचारी शासन से दक्षिण की प्रजा को मुक्ति दिलाई। बाली के त्रास से मुक्त हुई प्रजा ने घर-घर में उत्सव मनाकर ध्वज (गुड़ी) फहराए। आज भी घर के आंगन में गुड़ी खड़ी करने की प्रथा महाराष्ट्र में प्रचलित है। इसीलिए इस दिन को गुड़ी पड़वा नाम दिया गया।

महाराष्ट्र में इस ढंग सो मनाया जाता

महाराष्ट्र में इस दिन पूरन पोली या मीठी रोटी बनाई जाती है। इसमें जो चीजें मिलाई जाती हैं, वे हैं-गुड़, नमक, नीम के फूल, इमली और कच्चा आम। गुड़ मिठास के लिए, नीम के फूल कड़वाहट मिटाने के लिए और इमली व आम जीवन के खट्टे-मीठे स्वाद चखने का प्रतीक होती है।

इस दिन जरूर करें ये काम

नीम के पत्तों तथा फूलों का चूर्ण बनाएं। उसमें हींग, जीरा, काली मिर्च, नमकमिस्री और अजवाइन मिलाएं। इनका सेवन करने से खून से संबंधित कोई समस्या नहीं होती है और आरोग्य प्राप्त होता है।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/gudi-padwa-2020-subh-muhurat-with-date-5927225/

Comments