बुध ने किया राशि परिवर्तन, जानें सभी 12 राशियों पर इसका असर

ज्योतिष में बुद्धि और व्यापार का कारक बुध ग्रह को माना गया है, इन्हें नौ ग्रहों में राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में बुध आज यानि इस वर्ष 7 अप्रैल 2020, मंगलवार को दोपहर 2:16 बजे गुरु बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में प्रवेश कर लिया है। मीन राशि को बुध की नीच राशि माना जाता है। इसके अलावा मीन के जल तत्व की राशि होने के कारण ऐसा माना जा रहा है कि इस राशि में बुध का गोचर काफी अहम परिणाम देने वाला साबित होगा।

ज्योतिष में बुध ग्रह को एक शुभाशुभ ग्रह माना गया है, बुध जिस भी ग्रह के साथ युति करते हैं उसे वैसा ही परिणाम देते हैं। अर्थात शुभ ग्रहों के साथ युति का शुभ परिणाम और अशुभ ग्रहों की युति का अशुभ परिणाम। यानि यदि बुध ग्रह शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो यह शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की संगति में अशुभ फल देता है।

बुध के राशियों से संबंध
मिथुन और कन्या राशि का बुध ग्रह स्वामित्व प्राप्त है। कन्या इसकी उच्च राशि भी है जबकि मीन इसकी नीच राशि मानी जाती है। 27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। हिन्दू ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना जाता है।

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सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शुत्र ग्रह हैं। बुध का वर्ण हरा है और सप्ताह में बुधवार का दिन बुध को समर्पित है। वहीं इसका रत्न पन्ना व कारक देव श्रीगणेश माने जाते हैं। एक ओर जहां बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च के माने जाते हैं, तो वहीं मीन राशि में उन्हें नीच का माना गया है|

बुध के मंत्र...
बुध का वैदिक मंत्र
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च।
अस्मिन्त्सधस्‍थे अध्‍युत्तरस्मिन् विश्वेदेवा यजमानश्च सीदत।।

बुध का तांत्रिक मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः।।

बुध का बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार बुध के इस राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ेगा। इसके चलते जहां कुछ राशि के जातकों को चमत्कारिक सफलता हाथ लगेगी, वहीं कुछ राशि के जातक इस दौरान कई समस्याओं का सामना करने के लिए मजबूर होंगे।

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12 राशियों पर बुध के राशि परिवर्तन का असर:


1. मेष राशि
बुध गोचर में आपके बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे, इस भाव को व्यय भाव भी कहा जाता है। बुध आपकी राशि से तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। यह गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं है। इस गोचर के प्रभाव से आपके खर्चों में भी जबरदस्त तरीके से बढ़ोतरी होगी, जो आपकी आर्थिक स्थिति पर बोझ बन सकती है। साथ ही इस दौरान आपके विरोधी भी इस दौरान सर उठाएंगे और वे आपको परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

आपके स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है। आपको शारीरिक समस्यायें परेशान करेंगी। विशेष रूप से आपको त्वचा संबंधित परेशानियां आ सकती हैं और इस समय में आपकी नींद भी खराब हो सकती है। आपके द्वारा किए गए प्रयासों को इस दौरान अधिक सफलता न मिलने से आपका मन हताश हो सकता है।

कोर्ट कचहरी के मामलों में इस दौरान आंशिक रूप से ही सफलता मिल पाएगी और आपके भाई बहनों में से कोई विदेश गमन कर सकता है और आपको किसी विदेशी कंपनी या मल्टीनेशनल कंपनी से जॉब का ऑफर मिल सकता है। कानून की पढ़ाई कर रहे लोगों के लिए गोचर अनुकूल परिणाम प्रदान करेगा।

उपायः बुधवार को अपने हाथ से गौ माता को हरी घास खिलाएं।

2. वृषभ राशि
इस गोचर काल में बुध आपके एकादश भाव में प्रवेश करेगा, जिसे आय या लाभ का भाव भी कहा जाता है। वहीं बुध ग्रह आपके राशि स्वामी शुक्र का परम मित्र है और आपकी कुंडली में यह आपके दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी है।

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इस समय में आपकी आमदनी में इजाफा होगा और जो समस्याएं आर्थिक तौर पर चली आ रही थीं, वे इस समय काल में कमजोर पड़ जाएंगे और आप काफी अच्छा बिज़नेस कर पाएंगे। वहीं इस दौरान आपको अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। आप अपने व्यापार को बढ़िया करने के उद्देश्य से अच्छा खासा पूंजी निवेश कर सकते हैं।

इसके अलावा आपके प्रेम जीवन के दृष्टिकोण से भी यह गोचर काफी फ़ायदेमंद रहेगा क्योंकि आपके प्रेम जीवन में जो ग़लतफ़हमियों का सिलसिला चल रहा था, वह दूर हो जाएगा और एक दूसरे के प्रति समझ विकसित होगी। आप एक दूसरे से अपनी बातों को जाहिर कर पाएंगे और एक दूसरे के प्रति काफी समझदारी का परिचय देंगे। आपकी बुद्धि मजबूत होगी। नई-नई चीजों को सीखने में आपका मन लगेगा और आप अच्छी शिक्षा प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

उपायः बुधवार को विधारा की जड़ को जल में भिगोकर स्नान करें।

3. मिथुन राशि
आपकी राशि के स्वामी बुध देव इस समय आपसे दशम भाव में गोचर करेंगे, दशम भाव को पिता भाव या कर्म भाव भी कहा जाता है। यह आपके प्रथम भाव के साथ-साथ आपके चौथे भाव के स्वामी भी हैं, इसलिए इस गोचर काल में आपको अपने करियर के बारे में सोचने समझने का भरपूर मौका मिलेगा।

इस समय आपके कुछ निर्णय अच्छे होंगे, जो आपको कार्यक्षेत्र में मदद देंगे, लेकिन कुछ जगह आप अत्यधिक आत्मविश्वास का शिकार हो सकते हैं, जिसकी वजह से आपके कार्यस्थल पर परेशानी उठानी पड़ सकती है। इस दौरान प्रॉपर्टी खरीदने में सफलता मिल सकती है, लेकिन कागज़ी कार्यवाही में काफी परेशानी आ सकती है।

इस समय काल में आपके पारिवारिक जीवन में ख़ुशियों भरे समय की प्राप्ति होगी और परिवार के लोग अपनी बातें एक दूसरे से साझा करना पसंद करेंगे। ऐसे में परिवार में समरसता का माहौल रहेगा।

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आप अपने काम को अधिक महत्व देंगे, जिसकी वजह से आपको थकान का अनुभव होगा और शारीरिक रूप से आप कमजोर महसूस कर सकते हैं, इसलिए अपनी बुद्धि और बल का प्रयोग आपको अपने काम में सही तरीके से लगाना चाहिए ताकि आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाएं और शरीर भी ठीक रह सके।

उपायः इस मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' का नियमित जाप करें।

4. कर्क राशि
बुध अपने इस गोचर काल में वह आपके नवम भाव में प्रवेश करेगा, नवम भाव को भाग्य भाव भी कहा जाता है। वहीं आपकी राशि के जातको के लिए बुध बारहवें स्थान के साथ-साथ आप के तीसरे भाव का स्वामी भी है।

इस गोचर के चलते आपकी इनकम भी बढ़ेगी और आपको आपके भाई बहनों से अच्छा सपोर्ट भी प्राप्त होगा। इस समय खंड में आपके कम्युनिकेशन स्किल बहुत अच्छे होने लगेंगे और आपको आपकी मेहनत का फल मिलेगा ,लेकिन ध्यान रखें कुछ बड़बोलापन आपको नुकसान भी दे सकता है। वहीं इस दौरान आपको विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है और जो लोग उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किसी विदेशी कॉलेज में दाखिला चाहते हैं, उन्हें भी सफलता मिल सकती है।

आपकी बुद्धि मजबूत होगी और समाज में आपको अच्छा स्थान मिलेगा। आपको मीडिया के लिए काम करने में आनंद आएगा। इसके अलावा इस दौरान आप मुखर होकर अपनी बात कहने लगेंगे और सामाजिक सरोकार के कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। आप अपनी किसी हॉबी को आगे बढ़ाएंगे और गार्डनिंग या राइटिंग या एक्टिंग जैसे कामों में खूब मन लगेगा।

उपायः हर रोज चंद्र देव की आराधना करें।

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5. सिंह राशि
बुध आपकी राशि से आठवें भाव में प्रवेश करेगा, अष्टम भाव को आयु भाव भी कहा जाता है। यहां बुध का नीच राशि में होना थोड़ी परेशानियां जरूर पैदा करेगा, लेकिन फिर भी इस गोचर के कुछ अनुकूल परिणाम आपको मिलने की संभावना है।

ऑफिस में आप का कामकाज थोड़ा उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है, जिससे आपके संबंध आप के वरिष्ठ अधिकारियों से बिगड़ सकते हैं और परिणाम स्वरूप आपको नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। इसलिए थोड़ा सा ध्यान अवश्य रखें और किसी से व्यर्थ की बहस बाजी बिल्कुल ना करें।

वहीं आपकी राशि के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है, जिसकी वजह से अचानक से आपकी आमदनी में गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसी संभावना है कि आपकी कोई बिज़नेस डील फेल हो जाए, जिसके लिए आपको आर्थिक हानि उठानी पड़े, लेकिन दूसरी ओर, इसका सबल पक्ष या रहेगा कि अचानक से ही आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और कोई ऐसा जरिया आपको मिल सकता है, जिसके आपकी आर्थिक स्थिति बहुत जल्दी ही उन्नत हो जाए।

इस दौरान आपका मन आध्यात्मिक कामों में बहुत लगेगा और पूजा पाठ करने में रुचि जागेगी। मंत्र जाप करने में आपको काफी आनंद आएगा और कुछ नया सीखने और कुछ नया पढ़ना और जानने में आपका खूब मन लगेगा, जिससे आपके ज्ञान चक्षु मजबूत होंगे। आपको अपने ससुराल पक्ष के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा।

उपायः बुधवार के दिन राधा जी का श्रृंगार करके उनकी पूजा अर्चना करें।

6. कन्या राशि
बुध आपके सातवें भाव में गोचर करेंगे, सातवें भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। यह आपकी राशि के साथ ही आपके दसवें भाव के स्वामी भी हैं, इसलिए आपके लिए गोचर बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली होगा।

इस गोचर के प्रभाव से जीवन साथी से आपका रिश्ता भी सुधरेगा और आप अपने काम को महत्व देंगे। आपका पूरा ध्यान आपके जीवनसाथी पर होगा, जिनसे सलाह लेकर ही आप कोई कार्य करेंगे।

इस गोचर का सबसे अच्छा फायदा यह होगा को आपको धन लाभ जरूर होगा और आप अपनी तेज बुद्धि को बिज़नेस में सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे।वहीं आपके कार्यक्षेत्र में स्थितियां आपके पक्ष में होंगी और आप अपने काम में पदोन्नति प्राप्त कर सकते हैं। यही नहीं, आपकी वेतन वृद्धि भी हो सकती है। इस समय में आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसी में सफलता अर्जित करेंगे। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो व्यापार की गति पकड़ेगा और उसमें आपको अच्छी सफलता मिलेगी।

ध्यान रहे बुध अपनी नीच राशि में है, जिसकी वजह से आपके स्वास्थ्य में गिरावट हो सकती है। इसकी वजह से आपको कुछ कार्यों में निराशा का सामना भी करना पड़ सकता है। आपको ऐसा महसूस होगा कि आप से कुछ गलती हुई है।

उपायः बुध ग्रह का यंत्र अथवा रत्न धारण करें, किसी जानकार से सलाह के बाद।

7. तुला राशि
इस दौरान बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा, छठे भाव को रोग व शत्रु भाव भी कहते है। इस भाव में बुध का गोचर आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा क्योंकि यह आपकी कुंडली के नौवें (भाग्य स्थान) और बारहवें भाव का स्वामी भी है।

इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा और अपने खान पान पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। इस गोचर काल में आपको व्यर्थ वाद विवाद से बचना ही बेहतर रहेगा और खर्चों पर नियंत्रण लगाना भी आपके लिए एक चुनौती बन सकता है।

आपको एक बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि जहां आप कहीं नौकरी करते हैं, वहां आप किसी को भी अपने दिल की बातें ना बताएं क्योंकि वह आपकी कमज़ोरी का फायदा उठा सकते हैं और आप अपने बड़बोलेपन की वजह से खुद ही अपने नए शत्रु पैदा कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बाद में परेशान होना पड़ेगा।

वहीं भाग्य स्थान के स्वामी का छठे भाव में जाना अधिक मेहनत को दर्शाता है। ऐसे में अधिक मेहनत के बाद आपको अल्प सफलता हाथ लगेगी। कार्यों में रुकावट आने से मन थोड़ा परेशान हो सकता है और इस समय में आपकी आमदनी में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।

उपायः चार मुखी रुद्राक्ष धारण करें।

8. वृश्चिक राशि

अपने इस गोचर काल में बुध आपके पांचवें भाव में प्रवेश करेगा, पांचवें भाव को बुद्धि व पुत्र भाव भी कहा जाता है। वहीं आपकी राशि के लिए बुध ग्रह आपके आठवें और ग्यारहवें भाव का स्वामी है, लेकिन यहां अपनी नीच राशि में स्थित होगा।

इस दौरान यदि आप शादीशुदा हैं तो इस गोचर काल में आपको अपनी संतानों की ओर से निश्चिंतता रहेगी और वे भी अपनी शिक्षा में अच्छा ध्यान लगाएंगे, लेकिन यह ध्यान अवश्य देना होगा कि वे शिक्षा के अलावा कुछ अन्य गतिविधियों में अपना समय बर्बाद ना करें। यदि आप एक विद्यार्थी हैं तो इस समय का पूरा लाभ उठाने का प्रयास करें क्योंकि शिक्षा के लिए समय अच्छा रहेगा।

आपको आमदनी के कई जरिए इस समय में मिल सकते हैं, जिससे आपको इस गोचर का अच्छा परिणाम महसूस होने लगेगा। कुछ लोगों को इस समय खंड में अचानक से धन प्राप्ति के अलावा लॉटरी, शेयर बाजार में निवेश का अच्छा परिणाम प्राप्त हो सकता है, ऐसे में आपका आर्थिक स्तर मजबूत होगा।

इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपको बहुत सोच समझकर ही कोई बात करनी चाहिए। इस दौरान प्रेम जीवन में अच्छे और बुरे दोनों समय की झलक देखने को मिलेगी। जहां एक तरफ आपका प्रियतम आपसे प्रेम भरी बातें करेगा, वहीं आपकी बातें उन्हें समझ कम आएंगी और किसी बात को लेकर ग़लतफ़हमी होने से वाद-विवाद बढ़ सकता है और आपके रिश्ते में टकराव की स्थिति आ सकती है।

उपायः बुधवार को व्रत रखें।

9. धनु राशि
इस समय बुध का गोचर आपसे चौथे भाव में होगा,चौथे भाव को सुख या मां का भाव भी कहा जाता है। वहीं आपके लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी है और गोचर काल में आपके दशम भाव को पूर्ण सप्तम दृष्टि से देखेगा।

इस गोचर के प्रभाव में आप अपने कार्य क्षेत्र में जमकर पसीना बहाएंगे और अपनी बुद्धि के प्रयोग से आप नए आइडिया लेकर आएंगे, जो आपके काम को आसान और इंटरेस्टिंग बनाएंगे। इस समय आपकी माताजी परिवार में अपनी राय मजबूती से देंगी और सबको उनकी बात माननी होगी। परिवार का वातावरण इस दौरान अच्छा रहेगा और परिवार के लोगों की समझ बूझ अच्छी होगी, लेकिन फिर भी परिवार में शांति बनाए रखने की ओर ध्यान रखें और किसी बात पर बहस बाजी ना करें।

आपका काम बढ़िया चलेगा और आपके व्यापार में भी इस समय में प्रगति के अवसर दिखाई देंगे। इस समय आपको अपने जीवनसाथी के कार्य क्षेत्र से संबंधित किसी समस्या का निराकरण करने का प्रयास करना पड़ेगा, जिसमें उन्हें आपकी सहायता की आवश्यकता होगी।

उपायः बुधवार को संध्या काल में किसी तीर्थ स्थल पर या मंदिर में काले तिलों का दान करें।

10. मकर राशि
गोचर काल में बुध के तीसरे भाव में प्रवेश करेगा, तीसरे भाव को पराक्रम भाव भी कहा जाता है। आपकी कुंडली में बुध छठे स्थान और नवें स्थान का स्वामी है, वहीं आपके लिए बुध का गोचर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह आपके भाग्य स्थान (नवम भाव) का स्वामी है।

इस समय काल में आपके विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और आपकी छवि को हानि पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अपने सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार आपके काम में तरक्की दिलवाने में मदद करेगा और वे आपके पक्ष में रहेंगे तो आपको सफलता शीघ्र मिल जाएगी। इस समय काल में कानून और वकालत करने वाले लोगों को बहुत अच्छा लाभ मिलेगा और उन्हें सफलता मिलेगी। इस समय में भाग्य आपका साथ दे सकता है और आप जो प्रयास करेंगे, वह आपके काम आएंगे।

एक बात का इस समय में आपको खास ख्याल रखें, कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कोई भी ऐसी बात ना डालें, जो समाज के विरुद्ध हो क्योंकि ऐसा करना इस दौरान आपको परेशानी में डाल सकता है।

इस गोचर के प्रभाव से आपको अपनी कम्युनिकेशन स्किल का ध्यान रखना होगा क्योंकि नीच राशि में बुध के होने से कुछ ऐसे संवाद हो सकते हैं, जो आपके अपनों को बुरे लगें और आपके कुछ काम खराब हो जाएं।

उपायः बुधवार के दिन पौधे लगाएं।

11. कुंभ राशि
इस समय बुध का गोचर आपसे दूसरे भाव में यानि मीन राशि में होगा, दूसरे भाव को संपत्ति भाव भी कहते हैं। वहीं बुध आपके लिए पंचम भाव और अष्टम भाव का स्वामी है।

इस गोचर के प्रभाव से अचानक से धन प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे और यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान के माध्यम से आपको सुखों की प्राप्ति होगी और वह आवश्यकता होने पर आपको आर्थिक तौर पर मदद करेंगे। इसके साथ ही इस काल मे आपको आपकी उम्मीदों से विपरीत अच्छे धन की प्राप्ति होगी, जो आपको काफी खुशी देगी। वहीं आपकी वाणी में अचानक से कुछ रहस्यमयी बातें होंगी। यानि आप कुछ रहस्यमयी अंदाज़ में बातें करेंगे, जिसका अर्थ समझ में आएगा लेकिन पूर्ण रूप से नहीं, इसलिए असमंजस की स्थिति बनेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में आपको अच्छी सफलता मिलेगी और यदि आप विद्यार्थी हैं तो इस समय में आपके परीक्षा परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। लेकिन इस समय काल में आपको अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति संजीदा रहना होगा, उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और उन्हें त्वचा संबंधित रोग हो सकते हैं।

आपको अपने भोजन और खान पान पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा, नहीं तो स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

उपायः बुधवार को अपने हाथों से हरी साबुत मूंग की दाल गौ माता को खिलाएं।

12. मीन राशि
बुध ग्रह का गोचर आपकी ही राशि यानि आपके प्रथम भाव में हो रहा है, प्रथम भाव को लग्न भाव भी कहा जाता है। वहीं बुध आपके लिए चौथे और सातवें भाव का स्वामी है और इस गोचर के परिणाम स्वरूप बुध का प्रभाव आपकी बुद्धि और आपकी स्मरण क्षमता में विशेष रूप से प्रभाव डालेगा।

इस समय में आपकी वाणी में भी बदलाव आएगा और आपका व्यवहार कई लोगों को अत्यधिक व्यवहारिक लग सकता है, इसलिए अपने आप पर थोड़ा नियंत्रण रखें। इस समय में प्रॉपर्टी को लेकर कहीं वार्तालाप होगा और बातें आगे बढ़ हो सकती हैं।

गोचर काल में आप जल्दबाजी में कोई निर्णय ले सकते हैं, जिसके लिए आपको बाद में परेशान होना पड़ सकता है, इसलिए सोच समझकर निर्णय लें। वहीं इस समय दांपत्य जीवन में थोड़ी सी परेशानियां आ सकती हैं, उसकी वजह होगी एक दूसरे की बात को ना मानना या किसी बात को लेकर अहम की भावना पाल कर रखना। याद रखिए इससे आपका रिश्ता खराब ही होगा और कुछ नहीं।

आप इस समय में कुछ नया सीखने में ज्यादा रुचि दिखाऐगे और बात की गहराई तक जाना पसंद करेंगे। इस समय में बिज़नेस आगे बढ़ेगा, लेकिन आपको बिज़नेस के संबंध में किसी वृद्ध व्यक्ति से सलाह लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि इस दौरान कुछ ऐसे नतीजे देखने को मिलेंगे, जो आपको परेशान कर सकते हैं।

उपायः विधारा मूल धारण करें।



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