अक्षय तृतीया पर बन रहा है 5 ग्रहों का विशेष संयोग, मिलेगा दान और पूजा का अक्षय फल

स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख महीने का काफी महत्व माना जाता है। इस महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है, ये पर्वहिंदू धर्म में बहुत ही खास माना जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को पड़ रही है। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्रा के अनुसार इस साल अक्षय तृतीया पर सूर्य, चंद्रमा और मंगल अपनी उच्च राशि में रहेंगे, वहीं शुक्र और शनि के स्वराशि में होने से विशेष शुभ संयोग बन रहा है। इन 5 ग्रहों की विशेष स्थिति से इस साल अक्षय तृतीयापर दान और पूजा से मिलने वाला शुभ फल दुगना हो जाएगा।इसके साथ ही इस बार 6राजयोग भी बन रहे हैं। इस कारण ये पर्व और भी खास रहेगा।

अक्षय तृतीयापर्व कब से कब तक

इस साल वैशाख माह के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि शनिवार 25 अप्रैल को दोपहर करीब 12:05 पर शुरू होगी और अगले दिन रविवार को दोपहर 1:25 तक रहेगी। लेकिन सूर्योदय व्यापिनी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग 26 अप्रैल को होने से धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाना चाहिए।

खुलते हैं गंगोत्री और यमुनोत्री के पट

  • इस दिन स्नान, दान, जप, हवन आदि करने पर इनका फल अक्षय रूप में प्राप्त होता है। अक्षय तृतीयाके दिन ही उत्तराखंड के पवित्र चारधाम तीर्थ यात्रा के गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने की परंपरा है। अक्षय तृतीया पर नई चीजों की खरीदारी बहुत ही शुभ मानी जाती है विशेषकर इस दिन सोने से बनी चीजें या आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से पूजा-पाठ करने से न सिर्फ भगवान विष्णु जी एवं मां लक्ष्मी, बल्कि बुद्घि और विद्या का भी वरदान मिलता है।
  • मान्यता है कि इस दिन कुबेर देवता ने देवी लक्ष्मी से धन की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की थी, जिससे प्रसन्न होकर देवी लक्ष्मी ने उन्हें धन और सुख-समृद्धि से संपन्न किया था। इस तिथि को जो शुभ शुभ काम किए जाते हैं उनके अक्षय फल मिलते हैं इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस पर्व को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। अक्षय तृतीया पर नई चीजों की खरीदारी और सोने से बनी चीजें या आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।

दान से दूर होता है बुरा समय

इस शुभ तिथि पर दान करने का अत्यधिक महत्व है, ऐसे में अक्षय तृतीया पर अपनी कमाई से कुछ अंश जरूर दान करें। इस दिन 14 तरह के दान का महत्व बताया है। ये दान गौ, भूमि, तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, धान्य, गुड़, चांदी, नमक, शहद, मटकी, खरबूजा और कन्या है। अगर ये न कर पाएं तो सभी तरह के रस और गर्मी के मौसम में उपयोगी चीजों का दान करना चाहिए। इन चीजों का दान करने से बुरा समय दूर होता है।



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