चैत्र मास के अंतिम सोमवार 7 से 2 के बीच करें ये उपाय, प्रसन्न हो जाएंगे महादेव

6 अप्रैल को चैत्र मास का अंतिम सोमवार है, इस भगवान शिव की विशेष तांत्रिक पूजा सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच करने प्रसन्न हो जाएंगे महादेव। पूजा के साथ तंत्राधिपति भगवान महाकाल के इस तांत्रिक मंत्र का जप भी करें। तंत्र शास्त्र के अनुसार, इस मंत्र की साधना से भगवान महाकाल शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्त को जीवन में सुख-सम्रद्धि, व्यवसाय में उन्नति, नौकरी में सफलता, कठिन रोगों से मुक्ति, घातक शत्रु से मुक्ति का आशीर्वाद देते हैं। समस्त कामनाओं की पूर्ति के लिए जरूर करें यह शिव पूजा।

Mahavir Jayanti : भगवान महावीर के 5 व्रत और 12 वचन अपनाने से जीवन को मिलती नई राह

कहा जाता है कि शिवजी के शाबर मंत्र स्वयं में सिद्ध होते हैं इसलिए इन्हें सिद्ध करने की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती, लेकिन इनको चमत्कारी व शक्तिशाली बनाने के लिए कुछ विशेष समय में जप करने से ये तत्काल लाभ देते हैं। इस तांत्रिक शिव शाबर मन्त्र को सिद्ध करने के बाद बड़ी से बड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलने लगता है।

हनुमान जयंती 2020 : बदल जाएगी अशुभ ग्रहों की चाल, राशि अनुसार कर लें ये उपाय

।। शिवजी का शाबर तांत्रिक मंत्र ।।

"आद अंत धरती, आद अंत परमात्मा

दोनो वीच बैठे शिवजी महात्मा, खोल घड़ा दे दडा

देखा शिवजी महाराज तेरे शब्द का तमाशा"

तांत्रिक शिव शाबर मंत्र की साधना विधि

भगवान शिव की आराधना करते समय जितना ध्यान पूजा विधि-विधान आदि पर दिया जाता है, उससे अधिक यदि भगवान शिव के प्रति समर्पण भाव व द्रढ़ विश्वास होना अनिवार्य होता है।

कोरोना वायरस का डर होगा खत्म, इस मंत्र को बोलते हुए घर के सामने करें ये टोटका

शिव शाबर मंत्र जप के लाभ

इस मंत्र का जप पूर्ण विश्वास और द्रढ़ संकल्प के साथ ग्यारह सौ बार करना है। मंत्र जप के पहले शिवलिंग का जल या गाय के दुध से अभिषेक जरूर करें। इस शिव साधना से बड़ी से बड़ी मुश्किल भी दूर हो जाती है, घर में सुख-सम्रद्धि, व्यवसाय में उन्नति व नौकरी में आ रही अड़चन, रोग से मुक्ति, वैवाहिक जीवन में कलह और शत्रु से छुटकारा ये सभी कार्य सिद्ध स्वतः ही सिद्ध होने लगते हैं।

*************

चैत्र मास के अंतिम सोमवार 7 से 2 के बीच करें ये उपाय, प्रसन्न हो जाएंगे महादेव

source https://www.patrika.com/dharma-karma/shiv-tantra-mantra-jaap-aur-puja-vidhi-in-hindi-5970610/

Comments