स्कंद पुराण कहता है वैशाख में नहीं करना चाहिए रात में भोजन, दिन में सोने से भी बचें

हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरुवार, 9 अप्रैल से वैशाख मास शुरू हो रहा है। ये महीना 7 मई तक रहेगा। इन दिनों में भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है। इन दिनों में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और पूजा की जाती है। स्कंद पुराण में वैशाख मास को सभी महीनों में उत्तम बताया गया है। पुराणों में कहा गया है कि जो व्यक्ति इस महीने में सूर्योदय से पहले स्नान करता है और व्रत रखता है। वो कभी दरिद्र नहीं होता। उस पर भगवान की कृपा बनी रहती है और उसे सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। क्योंकि इस महीने के देवता भगवान विष्णु ही है। वैशाख महीने में जल दान का विशेष महत्व है।

  • स्कंदपुराण में उल्लेख है कि महीरथ नाम के राजा ने केवल वैशाख स्नान से ही वैकुण्ठधाम प्राप्त किया था। इस महीने में सूर्योदय से पहले किसी तीर्थ स्थान, सरोवर, नदी या कुएं पर जाकर या घर पर ही नहाना चाहिए। घर में नहाते समय पवित्र नदियों का नाम जपना चाहिए। नहाने के बाद सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

वैशाख महीने में क्या करें

1. वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व है। यदि संभव हो तो इन दिनों में प्याऊ लगवाएं या किसी प्याऊ में मटके का दान करें।

2. किसी जरुरतमंद व्यक्ति को पंखा, खरबूजा, अन्य फल, अन्न आदि का दान करना चाहिए।

3. मंदिरों में अन्न और भोजन दान करना चाहिए।

4. इस महीने में ब्रह्मचर्य का पालन और सात्विक भोजन करना चाहिए।

5. वैशाख महीने में पूजा और यज्ञ करने के साथ ही एक समय भोजन करना चाहिए।

क्या नहीं करें

1.इस महीने में मांसाहार, शराब और अन्य हर तरह के नशे से दूर रहें।

2. वैशाख माह में शरीर पर तेल मालिश नहीं करवानी चाहिए।

3. दिन में नहीं साेना चाहिए

4. कांसे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए।

5. रात में भोजन नहीं करना चाहिए और पलंग पर नहीं सोना चाहिए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Vaishakh Month {Mahina} 2020; Vaishakh Mahina Mass Vrat Fasting (Upvas) Rules According To Skanda Purana [What to Do and What Not to Do]


Comments