सोमवार घर पर ही, शिवलिंग का करें इस चीज से अभिषेक- रोगों से मिलेगी कुछ ही घंटो में मुक्ति

देवों के देव भगवान महादेव अपनी शरण में आने वाले सभी भक्तों की कामनाएं पूरी कर देते हैं। अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर रोग से पीड़ित हो और सभी प्रयासों के बाद भी ठीक नहीं हो पा रहा है तो सोमवार के दिन घर में ही शिवलिंग का निर्माण करके शहद से अभिषेक करें। इस पूजा से सुख संपत्ति, धन वैभव की हर कामना भी पूरी होने लगती है।

कृष्ण पक्ष सोम प्रदोष व्रत- घर पर ही जरूर करें शिव की यह वरदायी पूजा

शहद से अभिषेक करते समय- “ऊँ पंचवक्त्राय विद्महे महादेवाय धीमही तन्नो रुद्रः प्रचोदयात” मंत्र का उच्चारण 108 बार करें। इसके बाद नीचे दी गई स्तुति का पाठ भी करें। कुछ ही दिनों में रोगी को लाभ होने लगेगा।

।। श्री शिव स्तुति स्तुति ।।

।। दोहा ।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

सोमवार को शिवलिंग का करें इस चीज से अभिषेक-रोगों से मिलेगी कुछ ही घंटो में मुक्ति

1- जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥

अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये।।

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥

2- मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥

नन्दि गणेश सोहै तहं कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥

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3- देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥

किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥

आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

4- त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥

किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥

दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥

वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

सोमवार को शिवलिंग का करें इस चीज से अभिषेक-रोगों से मिलेगी कुछ ही घंटो में मुक्ति

5- प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥

कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥

सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥

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6- एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥

जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै। भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥

सोमवार को शिवलिंग का करें इस चीज से अभिषेक-रोगों से मिलेगी कुछ ही घंटो में मुक्ति

7- त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥

मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥

आज ही अपने पड़ोसी को कर दें इन 5 में से किसी एक का गिफ्ट, हर परेशानी हो जाएगी दूर

8- धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥

अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥

सोमवार को शिवलिंग का करें इस चीज से अभिषेक-रोगों से मिलेगी कुछ ही घंटो में मुक्ति

9- नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥

जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥

ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥

पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥

ऐसा करते ही सैकड़ों मनोकामना पूरी करेंगी माँ बगलामुखी, सिद्ध होते हैं कठिन से कठिन कार्य

10- पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे॥

त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥

जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥

कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

किस्मत चमका देगा दीया का ये उपाय, खोल देगा सफलता के सारे द्वार

॥ दोहा ॥

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।

तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥

मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।

अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥

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source https://www.patrika.com/dharma-karma/monday-shivling-puja-aur-shiv-chalisa-path-ke-benefits-6017293/

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