धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी सफलता देर से मिलती है

कुछ लोगों को कड़ी मेहनत के बाद भी आशा के अनुरूप फल नहीं मिल पाते हैं और निराशा बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए और मेहनत में कमी नहीं करनी चाहिए। इस संबंध में गौतम बुद्ध से जुड़ा एक प्रसंग प्रचलित है, जिसमें सुखी जीवन और सफलता पाने के सूत्र छिपे हैं। अगर इन सूत्रों को जीवन में उतार लिया जाए तो हम कई परेशानियों से बच सकते हैं और अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। यहां जानिए वह प्रसंग, जिसमें बताया गया है कि हम कैसे सफल हो सकते हैं...

प्रचलित प्रसंग के अनुसार एक बार अपने शिष्यों के साथ किसी गांव में उपदेश देने जा रहे थे। गांव पहुंचने से पहले रास्ते में उन लोगों को जगह-जगह बहुत सारे गड्ढे खुदे हुए दिखाई दिए।

महात्मा बुद्ध का एक शिष्य इन गड्ढों को देखकर सोचने लगा कि इनका रहस्य क्या है?

उसने अपने गुरे बुद्ध से पूछा कि तथागत कृपया मुझे इन गड्ढों का रहस्य बताएं, एक साथ इतने सारे गड्ढे किसने और क्यों खोदे हैं?

गौतम बुद्ध ने शिष्य को जवाब दिया कि किसी व्यक्ति ने पानी की तलाश में ने इतने सारे गड्ढे खोदे हैं। अगर वह धैर्यपूर्वक एक ही जगह पर गड्ढा खोदता तो उसे पानी अवश्य मिल जाता, लेकिन वह थोड़ी देर गड्ढा खोदता और पानी न मिलने पर दूसरी जगह गड्ढा खोदना शुरू कर देता। इसकारण उसे कहीं भी पानी नहीं मिला।

जीवन प्रबंधन

बुद्ध ने शिष्यों को समझाया कि अगर कोई व्यक्ति किसी काम में सफल होना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करनी होती है, लेकिन कड़ी मेहनत के साथ ही स्वभाव में धैर्य होना भी जरूरी है। कभी-कभी लंबे समय तक मेहनत करने के बाद ही सफलता मिल पाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को धैर्य बनाए रखना चाहिए, वरना सफलता नहीं मिल पाती है।



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