बुध का मिथुन में गोचर : इन 07राशि वालों का चमकेगा भाग्य

ग्रहों की लगातार बदल रही चाल के बीच एक बार फिर ग्रहों में युवरा कहे जाने वाले बुध ने चाल में परिवर्तन करते हुए मिथुन राशि में गोचर कर लिया है। मिथुन इनके ही आधिपत्य वाली राशि है।

ज्योतिष में बुध ग्रह को एक शुभाशुभ ग्रह माना गया है अर्थात ग्रहों की संगति के अनुरूप ही यह फल देता है। यदि बुध ग्रह शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र और बली चंद्रमा) के साथ होता है तो यह शुभ फल देता है और क्रूर ग्रहों (मंगल, केतु, शनि राहु, सूर्य) की संगति में अशुभ फल देता है। बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है।

कन्या इसकी उच्च राशि भी है जबकि मीन इसकी नीच राशि मानी जाती है। 27 नक्षत्रों में बुध को अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है। हिन्दू ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, चतुरता और मित्र का कारक माना जाता है। सूर्य और शुक्र, बुध के मित्र हैं जबकि चंद्रमा और मंगल इसके शुत्र ग्रह हैं। बुध का वर्ण हरा है और सप्ताह में बुधवार का दिन बुध को समर्पित है।

Mercury Transit to Gemini : Good or bad Affects fr you

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार बुध ग्रह ने 24 मई 2020,रात 23:57 बजे यानि 25 मई शुरु होने से ठीक 3 मिनट पहले अपनी राशि मिथुन में गोचर कर लिया है। बुध संचार, तार्किक क्षमता, अवलोकन आदि का कारक ग्रह है। यह जातक को व्यवसायिक गुण भी देता हैं। बुध का ये परिवर्तन विभिन्न राशियों में अपना अलग अलग प्रभाव देगा...

बुध के मिथुन में गोचर का प्रभाव...

1. मेष राशि
आपके तृतीय भाव यानि पराक्रम भाव में बुध ग्रह का गोचर होगां यह भाव संचार, छोटे भाई-बहन का भी कारक माना जाता है। चूंकि यह भाव आपके पराक्रम को दर्शाता है इसलिए बुध के गोचर के दौरान मेष राशि के जातकों में भी यह गुण देखने को मिलेगा, इस राशि के जातक ऊर्जान्वित रहेंगे और इस समय काल में अपने लक्ष्यों को पूरा करना उनका मकसद रहेगा। किसी भी तरह का प्रयास करने में इस राशि के जातक इस दौरान हिचकिचाएंगे नहीं।

तृतीय भाव के कारण इस राशि के जातक अपने भाई-बहनों के साथ समय बिताएंगे, जिससे परिवार के माहौल में भी सकारात्मकता आएगी। बुध के इस गोचर के दौरान संचार के साधनों जैसे इंटरनेट, सोशल मीडिया के जरिये मेष राशि के जातकों को कोई अच्छी खबर इस दौरान मिल सकती है। इसके साथ ही जो लोग लेखन या प्रकाशन से जुड़े व्यवसाय में हैं उन्हें अपने करियर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इस समय पिता के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना होगा। इस गोचर के दौरान आपके प्रेम जीवन में रोमांस की अधिकता देखने को मिलेगी।

उपायः बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें।

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2. वृषभ राशि
बुध ग्रह का गोचर वृषभ राशि के जातकों के द्वितीय भाव यानि धन भाव में होगा। इस भाव से आपकी वाणी के बारे में भी विचार किया जाता है। यह गोचर आपके लिए मिलेजुले परिणाम देने वाला साबित होगा। इस गोचर के चलते वृषभ राशि के जातक अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना पसंद करेंगे। वहीं इस दौरान शब्दों को इस्तेमाल सोच समझकर करें, ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके द्वारा किया गया कोई मजाक सामने वाले को आहत कर सकता है।

बुध के इस गोचर के दौरान आपके संचित धन में वृद्धि हो सकती है। नए बैंक खाते खोलने के लिए, लंबी अवधि के निवेश के लिए यह समय अच्छा है। आर्थिक उन्नति आपकी प्राथमिकता होगी जिससे आप अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर पाएंगे। इस राशि के विद्यार्थियों की बात की जाए तो धीरे-धीरे आप शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करते जाएंगे। वहीं जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर आप थोड़े चिंतित हो सकते हैं।

उपायः प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और पौधे में जल अर्पित करें।

 

3. मिथुन राशि
बुध ग्रह का गोचर इस समय मिथुन राशि के जातकों के प्रथम भाव यानि लग्न भाव में होगा। इस भाव से आपकी कद काठी, रूप रंग सहित व्यक्तित्व का पता चलता है। बुध आपके चौथे भाव (कन्या राशि) यानि सुख व मां के भाव के कारक भी हैं। ऐसे बुध का गोचर आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा।

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आपके प्रथम भाव में बुध की स्थिति के चलते इस समय अवधि के दौरान आप जोश से भरे रहेंगे और साथ आप जीवन के सभी क्षेत्रों में लोगों को प्रभावित कर पाएंगे। व्यवसाय और नौकरी पेशा लोगों के जीवन में भी कई नए अवसर आने की संभावना है, जिससे इस समय आय और आराम में वृद्धि हो सकती है।

बुध इस गोचर में दिगबली अवस्था में होगा जिसके कारण आप रचनात्मक विचारों से भरे रहेंगे और आपकी बौद्धिक क्षमता भी अच्छी होगी। इस दौरान आप अवसरों का सही लाभ उठा पाएंगे, जिससे सफलता और संतुष्टि आपको मिलेगी।

बुध का यह गोचर इस राशि के प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए सुखद रहेगा। जो लोग अभी तक सिंगल थे वो इस गोचर के दौरान मिंगल कर सकते हैं। शादीशुदा लोगों के जीवन में सुख और संतोष बना रहेगा।

उपायः बुध ग्रह के बीज मंत्र का विधिवत पाठ करें।


4. कर्क राशि
बुध ग्रह का यह गोचर कर्क राशि के जातकों के द्वादश भाव यानि व्यय भाव में होगा। इस भाव में बुध की स्थिति से आपको जीवन में मिलेजुले परिणाम प्राप्त होंगे।

इस दौरान कुछ ऐसी स्थितियां पैदा हो सकती है जिनमें आपका खर्चा बढ़ जाएगा। कर्क राशि के जातकों को इस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं इसलिए योग-ध्यान करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, तनाव को जितना हो सके खुद से दूर रखें। वहीं बुध की दृष्टि आपके षष्ठम भाव पर भी पड़ रही है, इसलिए वाद-विवाद की स्थिति से इस दौरान आपको बचकर रहना चाहिए, नहीं तो आपकी छवि खराब हो सकती है।

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इस दौरान कर्क राशि के जातकों का पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। आपके भाई-बहनों की प्रगति से घर में खुशियों का माहौल होगा। द्वादश भाव से विदेशों के बारे में भी विचार किया जाता है, बुध इस गोचर के दौरान अपनी स्वराशि में स्थित है, इसलिए यह बात इस तरफ इशारा करती है कि कर्क राशि के कुछ जातक भविष्य में बसने के लिए विदेशी अवसरों की तलाश कर सकते हैं।

उपायः बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाएं।

5. सिंह राशि
बुध ग्रह का गोचर आपके एकादश भाव यानि आय भाव में होगा। बुध आपके संचित धन और परिवार के द्वितीय भाव का भी स्वामी है। बुध का यह गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा।

इस राशि के जो लोग नौकरी पेशा हैं उन्हें उच्च अधिकारियों से सम्मान की प्राप्ति होगी और कार्यक्षेत्र के हर काम में सफलता मिलेगी। वहीं जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं उन्हें अपनी मनचाही संस्था में जॉब मिल सकती है।

वहीं आपके द्वितीय भाव का स्वामी आपके एकादश भाव में विराजमान होने से सिंह राशि के जातकों के लिए बहुत सुंदर धन योग का निर्माण हो रहा है। इस योग के कारण आप धन और नाम कमा सकते हैं और कई क्षेत्रों में सफलता पा सकते हैं। कारोबार में भी आपको लाभ की प्राप्ति होगी।

प्यार और रोमांस के लिए भी यह समय अच्छा है ,लेकिन अपने जीवनसाथी या लवमेट के साथ समय जरुर बिताएं इससे आपके रिश्ते को और मजबूती मिलेगी।

उपायः घर के मंदिर में कपूर जलाएं।

6. कन्या राशि
बुध का गोचर कन्या राशि के जातकों के दशम भाव यानि कर्म भाव में होगा। ऐसे में जो स्थिति बन रही है उसके अनुसार कन्या राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

इस गोचर के दौरान आप अपने अटके हुए कामों को आराम से पूरा कर पाएंगे। इस वजह से कार्यक्षेत्र में सीनियर्स की वाहवाही आपको मिल सकती है। हालांकि मुमकिन है इस दौरान आप हर काम में ज्यादा समय लगाएंगे, जिसकी वजह से आपके कामों में देरी होने की संभावना है।

इस गोचर काल के दौरान कन्या राशि के जातक कॅरियर ओरिएंटेड रहेंगे, ऐसे में समय नहीं दे पाने की वजह से आपके रिश्तों में उतार चढ़ाव आ सकते हैं।

उपायः प्रतिदिन सूर्योदय के समय विष्णु सहस्रनाम का जाप करें।


7. तुला राशि
बुध ग्रह का गोचर इस दौरान तुला राशि के जातकों के नवम भाव यानि भाग्य भाव में होगा। बुध के इस गोचर काल के दौरान तुला राशि के जातक आध्यात्मिकता की तरफ बढ़ सकते हैं और जीवन के गूढ़ रहस्यों को जानने की कोशिश कर सकते हैं।

इस समय किसी गुरु से की गई मुलाकात और बातचीत लंबे समय तक आपके काम आ सकती है। देश भर में चल रही कोरोना महामारी के चलते ये मीटिंग/ मुलाकात ऑनलाइन भी हो सकती है।

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आपके काम को इस दौरान किस्मत का भी पूरा सहयोग प्राप्त होगा, जिसके चलते कार्यक्षेत्र में आपको प्रमोशन मिल सकता है। बुध की यह स्थिति एक शुभ धन योग का भी निर्माण कर रही है, इसकी वजह से तुला राशि के कई जातकों की इनकम बढ़ सकती है। यह समय आपको विदेशों से जुड़े व्यापार में भी फायदा दे सकती है।

इस गोचर के दौरान पिता के साथ आपके कुछ मतभेद हो सकते हैं। अत: संतुलित रहें। वहीं शादीशुदा जातकों को इस समय काल में खुशी और संतोष की प्राप्ति होगी। जबकि जो जातक प्रेम संबंधों में पड़े हैं वो अपने रिश्तों को नई ऊंचाईयां दे सकते हैं।

उपायः जरूरतमंद बच्चों और छात्रों को किताबें दान करें।


8. वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के अष्टम भाव यानि आयु में बुध ग्रह का गोचर होगा। बुध चूकिं बहुत तेजी से गति करने वाला ग्रह है इसलिए इस समय यह आपके जीवन में कुछ तेज और त्वरित बदलाव ला सकता है।

यह परिवर्तन वृश्चिक राशि के लोगों को उनके कम्फर्ट जोन और जो सीमाएं उन्होंने अपने लिए बनायी हुई थीं उनसे बाहर निकालने में मदद करेगा। हालांकि बुध ग्रह आपके संचित धन के द्वितीय भाव पर सीधी दृष्टि डाल रहा है,ऐसे में आपका खर्चा इस दौरान बढ़ सकता है, जिससे संचित धन कम हो सकता है। इस दौरान भी आपको अचानक लाभ होने की संभावना है। जो लोग नौकरी पेशा हैं उन्हें जॉब में परिवर्तन करने की बजाय अपनी योग्यता को और निखारना चाहिए।

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आपके निजी जीवन की बात करें तो इस राशि के विवाहित जातकों के लिए यह समय बहुत शुभ है, इस गोचर के दौरान आपको अपने जीवनसाथी का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

इस समय इस राशि के जातकों के बच्चे / विद्यार्थी उन जटिल विषयों को भी इस दौरान आसानी से समझ जाएंगे, जिनमें उन्हें बीते समय में परेशानी आ रही थी। इस समय आपको पेट से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है।

उपायः देवी सरस्वती की पूजा करें।

12. मीन राशि
बुध ग्रह का गोचर आपके चतुर्थ भाव यानि मां व सुख भाव में होगा। बुध की यह स्थिति मीन राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।

आप पेशेवर जीवन में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। हालांकि बुध की चतुर्थ भाव में स्थिति आपको थोड़ा आरामपरस्त भी बना सकती है, क्योंकि यह भाव आपके सुख का भी है। इसकी वजह से मीन राशि के जातक अपने कम्फर्ट जोन में रहना पसंद करेंगे, लेकिन इस दौरान खुद को सक्रिय बनाए रखना आपके लिए जरुरी होगा, क्योंकि ऐसा करना आपको आने वाले समय में सफल बनाएगा।

निजी जीवन की बात करें तो माता के साथ इस दौरान आपके संबंध सुधरेंगे। मीन राशि के कुछ जातक इस दौरान भूमि या वाहन खरीद सकते हैं।

इस गोचर के दौरान आपके जीवनसाथी को उनके कार्यक्षेत्र में सम्मान, प्रशंसा की प्राप्ति होगी। इससे परिवार में खुशियां बढ़ेंगी।

उपायः प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करें।

इस गोचर के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। वहीं प्रेम जीवन और रिश्तों में बातचीत के दौरान आपको सावधान रहना होगा।

उपायः सूर्योदय के समय प्रतिदिन ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।


9. धनु राशि
इस दौरान बुध का गोचर आपके सप्तम भाव यानि विवाह भाव पर रहेगा। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर शुभ साबित होगा। बुध आपके कर्म भाव का स्वामी भी है इसलिए धनु राशि के जातकों को इस दौरान प्रमोशन मिल सकता है।

इस समय आपकी अवलोकन करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे आप अपने काम को अच्छी तरह से पूरा कर पाएंगे और आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। आपके सीनियर्स भी आपके काम की सराहना इस दौरान कर सकते हैं। इस राशि के कारोबारियों के लिए भी बुध का परागमन शुभ रहेगा, लेकिन जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं उन्हें ज्यादा प्रॉफिट होने की संभावना है।

इस दौरान रोमांस की अधिकता के चलते प्रेम संबंधों में भी अच्छे बदलाव आएंगे । जो लोग प्रेम के संबंध को शादी के अटूट बंधन में बांधना चाहते हैं उनके लिए भी यह गोचर अच्छा रहेगा।

उपायः प्रतिदिन बुध की होरा के समय बुध मंत्र का जाप करें।

10. मकर राशि
मकर राशि के जातकों के षष्ठम भाव यानि शत्रु व रोग भाव में बुध ग्रह का गोचर होगा। इस राशि के पेशेवर लोगों के लिए यह गोचर शुभ साबित होगा।

आपकी प्रतिस्पर्धी ताकत में इस दौरान इजाफा होगा जिससे आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर पाएंगे। इस समय आपको अपने सहकर्मियों से सहयोग प्राप्त होगा जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी उत्पादकता में वृद्धि होगी। जो लोग जॉब में परिवर्तन करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें अपने पसंदीदा फिल्ड या संस्था में नौकरी मिल सकती है। इस राशि के जो जातक कारोबार करते हैं उनको भी बुध के इस गोचर के दौरान मुनाफा होगा और यदि आप बिजनेस को फैलाने के लिए लोन इत्यादि लेना चाहते हैं तो वो भी इस दौरान मंजूर हो सकता है।

कोर्ट-कचहरी के मुद्दों में आपको इस दौरान विजय प्राप्त हो सकती है। हालांकि प्रेम जीवन में यह गोचर आपको बहुत गंभीर बना सकता है जिससे रिश्ते में परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
इस दौरान आपकी ऊर्जा का स्तर भी बढ़ा रहेगा इसलिए शारीरिक क्रियाकलापों जैसे रनिंग, जिमिंग या योग आदि करने से आप खुद को फिट बना सकते हैं और अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

उपायः गाय को हरा चारा खिलाएं।

11. कुंभ राशि
बुध का गोचर आपके पंचम भाव यानि बुद्धि व संतान भाव में होगा। बुध का पंचम भाव में गोचर आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।

इस राशि के पेशेवर लोग अपने विचारों को बहुत अच्छी तरह से इस दौरान मूर्त रुप दे सकते हैं। जिसके चलते इस समय सीमा के दौरान उनकी आय और समृद्धि में वृद्धि होगी। इस राशि के कारोबारियों को अपनी योजनाओं से लाभ होगा।



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