11वीं सदी में बने इस मंदिर के गर्भगृह में पड़ती है सूर्य की पहली किरण

अहमदाबाद से तकरीबन सौ किलोमीटर की दूरी पर पुष्पावती नदी के किनार पर मोढ़ेरा का विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर स्थित है। इस मंदिर को कुछ इस तरह बनाया गया है कि सूर्योदय होने पर पहली किरण सीधे गर्भगृह तक पहुंच सके। इस मंदिर के गर्भगृह की दीवार पर लगे शिलालेख से पता चलता है कि इस मंदिर का निर्माण सम्राट भीमदेव सोलंकी प्रथम ने करवाया था। वो सूर्य को कुलदेवता के रूप में पूजते थे। इसीलिए उन्होंने अपने आद्य देवता की पूजा के लिए इस भव्य सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया था।

  • ये सूर्य मंदिर 11 वीं सदी में बना है। शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण देने वाले इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरे मंदिर के निर्माण में जुड़ाई के लिए कहीं भी चूने का उपयोग नहीं किया गया है। हर साल संक्रांति के अवसर पर यानी सूर्य के राशि बदलने पर इस जगह से सूर्य के दर्शन किए जाते हैं और यहां बने सूर्यकुंड के पानी से स्नानभी किया जाता है।

बना हुआ है विशाल कुंड

ईरानी शैली में के इस मंदिर को भीमदेव ने दो हिस्सों में बनवाया था। पहला हिस्सा गर्भगृह का और दूसरा सभामंडप का है। मंदिर के सभामंडप में कुल 52 स्तंभ हैं। इन पर बेहतरीन कारीगरी से विभिन्न देवी-देवताओं के चित्रों और रामायण तथा महाभारत के प्रसंग को उकेरे गए हैं। इन स्तंभों को नीचे की ओर देखने पर वे अष्टकोणाकार तथा ऊपर की ओर देखने पर वे गोल दिखाई देते हैं।सभामंडप के आगे एक विशाल कुंडबनाहै जिसे, सूर्यकुंड या रामकुंड भी कहा जाता है।

आत्मशुद्धि के लिए आए थे श्रीराम
मोढ़ेरा मंदिर के बारे में स्कंद पुराण और ब्रह्म पुराण में कहा गया है कि प्राचीन काल में मोढ़ेरा के आसपास का पूरा क्षेत्र धर्मरण्य के नाम से जाना जाता था। भगवान श्रीराम ने रावण के संहार के बाद गुरु वशिष्ट से ऐसा स्थान बताने के लिए कहा था जहां वह आत्मशुद्धि कर ब्रह्म हत्या के पाप से भी मुक्ति पा सकें। तब गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को यहीं आने की सलाह दी थी। विदेशी हमावरों ने इस मंदिर को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसलिए इसे खंडित माना जाता है और पूजा नहीं की जाती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने आते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Gujarat Modhera Surya Mandir Update | Interesting Facts and History About Modhera Sun Temple


Comments