वनवास जा रहे पांडवों को विदुर ने समझाए जीवन के 4 सूत्र, हर काम में सफलता के लिए हैं जरूरी

महाभारत जीवन जीने की कला का ग्रंथ है। इसमें कई तरह का ज्ञान है। अलग-अलग पात्रों ने अपने-अपने हिसाब से परिस्थितियों का सामना करने की सीख दी है। इनमें से एक पात्र थे विदुर। उन्होंने भी अपने ज्ञान से कई लोगों को रास्ता दिखाया है। उनके इसी ज्ञान को अलग से विदुर नीति के रूप में भी संग्रहित किया गया है।

जब पांडवों को दुर्योधन और शकुनि ने जुए में हरा दिया और उन्हें इंद्रप्रस्त आदि छोड़कर वनवास में जाना पड़ा तब अर्जुन और भीम ने दुर्योधन से बदला लेने, दुःशासन को मारने और इंद्रप्रस्थ वापस लेने की प्रतिज्ञाएं की। तब वनवास जाते पांडवों को विदुर ने समझाया कि किस तरह के लोग अपने कामों में सफल होते हैं। विदुर ने उन्हें बताया कि जो लोग दृढ़ संकल्प के साथ काम शुरू करते हैं, फिर किसी भी कारण से उसे रोकते नहीं, समय का पूरा सदुपयोग करते हैं और अपने मन पर सदा नियंत्रण रखते है, इन चार गुणों वाले लोग ही हमेशा सफल होते हैं।


निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते।। (विदुर नीति)

अर्थ - पहले दृढ़ निश्चय के साथ काम शुरू करे, किसी भी कारण से काम को रोके नहीं, समय का हमेशा ध्यान रखे और अपने मन को वश में रखे, ऐसा व्यक्ति ही पंडित कहा गया है।

  • पहले निश्चय करें फिर ही शुरू करें काम

किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसके बारे में पूरी तरह से मन बनाना बहुत ही जरूरी होता है। बिना मन से या बिना सोचे-समझे शुरू किया गया काम कभी भी पूरा नहीं किया जा सकता। विद्वान विदुर के अनुसार, किसी भी काम में महारथ हासिल करने के लिए उसे शुरू करने से पहले उसके बारे में पूरी तरह से तैयारी कर लें और उसे सफल करने का निश्चय करें। ऐसा करने से आपको उस काम में सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।

  • किसी भी कारण से काम को न रोकें

कई लोग जोश औऱ उत्साह में आकर काम शुरू हो कर लेते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनकी दिलचस्पी उस काम से कम होने लगती है और वे काम को बीच में ही छोड़ देते हैं। किसी भी काम की सफलता में यह सबसे बड़ी रुकावट होती है। इसलिए, ध्यान रखें कि चाहे कारण कोई भी हो, अपने निश्चय पर अड़े रहें और काम को पूरा किया बिना उसे छोड़े नहीं।

  • समय की कीमत को समझें

किसी भी मनुष्य को सफल या असफल बनाने में समय का सबसे बड़ा हाथ होता है। जो मनुष्य समय की कीमत समझता है, वह किसी भी काम को बड़ी ही आसानी से कर जाता है। समय को व्यर्थ करने वाला मनुष्य कभी भी जीवन में ऊंचाई या सफलता नहीं पा सकता। किसी भी अन्य गतिविधि में समय को बरबाद न करें।

  • मन को रखें वश में

मन को वश में रखना मनुष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होती है। हर किसी का मन बहुत ही चंचल होता है, वे एक जगह या एक काम पर टिक नहीं पाता। जो मनुष्य अपने मन और अपनी इच्छाओं को वश में नहीं रख पाता, वह किसी भी काम में सफल नहीं हो पाता। जीवन में सफलता पाने के लिए अपनी अनावश्यक इच्छाओं को वश में रख कर, पूरी तरह से अपने काम के प्रति समर्पित होना बहुत जरूरी है।



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Mahabharat Vidur Niti Vidur explained the 4 sutras of life to the Pandavas going to exile, which are necessary for success in every work.


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