शनि जयंती पर वक्री रहेंगे शनिदेव, जिन राशियों पर साढ़ेसाती और ढय्या है उन्हें रहना होगा संभलकर

22 मई को ज्येष्ठ महीने की अमावस्या है। पुराणों के अनुसार इस दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन शनि जयंती मनाई जाएगी। इस पर्वके दौरान शनि देव का वक्रीहोना, उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जिन पर साढ़ेसाती या ढय्या चल रही है। वक्री यानी पृथ्वी और शनि के बीच की दूरी के कारण शनि ग्रह बहुत ज्यादा धीरे या उल्टा चलता हुआ दिख रहा है। कुछ ज्योतिष विद्वान इसे शनि की उल्टी चाल भी कहते हैं। शनि की इस स्थिति का असर 29 सितंबर तक रहेगा। इसलिए शनि जयंती पर मिथुन, तुला, धनु, मकर और कुंभ राशि वाले लोगों को विशेष पूजा करनी चाहिए।

ढय्या और साढ़ेसाती वाली राशियों को रहना होगा सावधान

मिथुन औरतुलाराशि वाले लोगों को शनि की ढय्या चल रही है। इसलिए इन राशि वाले लोगों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। विवाद, मानसिक तनाव और दौड़-भाग वाला समय रहेगा। धन हानि भी हो सकती है। धनु, मकरऔर कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती चल रही है। इस कारण इन राशि वालों को चोट और दुर्घटना की संभावना है। गुप्त बातें उजागर हो सकती है। धन हानि और कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। कर्जा बढ़ने की संभावना भी है।

ढय्या वाली राशियों का फल

मिथुन -
शनि के कारण आपकी गुप्त बातें उजागर हो सकती हैं। गलत कामों फंसने की संभावना है। गैरकानूनी काम करने से बचें। इस दौरान कानूनी मामलों में उलझनें बढ़ सकती हैं। प्रॉपर्टी संबंधी मामलों रुकावटें आ सकती हैं। किस्मत का साथ नहीं मिल पाएगा। शनि के कारण नौकरी, बिजनेस, सेविंग और संतान के मामलों में आप परेशान हो सकते हैं। योजनाएं भी अधूरी रह सकती हैं।
क्या करें, क्या न करें - शनिदेव को तेल चढ़ाएं और शनिवार को उड़द से बनी चीजें न खाएं।

तुला - शनि वक्री होने के कारण आपके सुख में कमी आ सकती है। वर्तमान में आपको शनि की ढय्या चल रही है, इसलिए सेहत संबंधी मामलों में संभलकर रहना होगा। आपके स्वभाव में भी रुखापन आ सकता है। जरूरी कामकाज में रुकावटें और देरी होने की संभावना है। फालतू खर्चे बढ़ सकते हैं। पारिवारिक मामलों को लेकर चिंता रहेगी। कलेश भी हो सकता है। व्हीकल पर खर्चा हो सकता है। बीमारियों से परेशानी बढ़ सकती है। कर्जा बढ़ सकता है। मानसिक तनाव वाला समय रहेगा।
क्या करें, क्या न करें - शनिदेव की पूजा में नीले फूल का उपयोग करें, शनिवार को लाल कपड़े न पहनें।

साढ़ेसाती वाली राशियों का फल

धनु -शनि के प्रभाव से मेहनत ज्यादा होगी और उसका फायदा कम ही मिल पाएगा। साढ़ेसाती के कारण जरूरी कामकाज में देरी हो सकती है। कामकाज में रुकावटें आने की भी संभावना है। प्रॉपर्टी संबंधी मामलों में विवाद हो सकता है। माता की सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। गुप्त मामले उजागर हो सकते हैं। बातचीत में सावधानी रखें। सोच-समझकर बोलें। किसी भी तरह का नाश करने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है।
क्या करें, क्या नहीं -उड़द से बनी खाने की चीजें दान करें और शनिवार को नशा न करें।

मकर - नौकरी और बिजनेस में आपकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। साढ़ेसाती चलने के कारण सोचे हुए काम बिगड़ सकते हैं। जरूरी कामों में रुकावटें आ सकती हैं। वैवाहिक जीवन के लिए समय ठीक नहीं रहेगा। रोजमर्रा के कामों में और देरी हो सकती है। भाइयों और दोस्तों से मदद नहीं मिल पाएगी। सेहत को लेकर सावधान रहें। चोट या दुर्घटना की संभावना है।
क्या करें, क्या नहीं - शनिदेव को तिल के तेल का दीपक लगाएं, शनिवार को लहसुन-प्याज न खाएं।

कुंभ - शनि की साढ़ेसाती के कारण सेहत बिगड़ सकती है। यात्राओं का योग बन रहा है। दुर्घटना भी हो सकती है। नकारात्मक विचारों के कारण परेशानी बढ़ सकती है। दुश्मन परेशान कर सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा का योग बन रहा है। कहीं घूमने भी जा सकते हैं। किस्मत का साथ नहीं मिल पाएगा। खर्चा बढ़ सकता है। सेविंग खत्म होगी।
क्या करें, क्या नहीं - शनिदेव को अपराजिता के फूल चढ़ाएं, शनिवार को खाने में तेल का उपयोग न करें।



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