ट्रैकिंग के शौकीन की पसंद है तुंगनाथ महादेव मंदिर, माता पार्वती और पांडवों ने यहां की थी तपस्या

बुधवार को 11.30 बजे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के चौपटा क्षेत्र में स्थित प्राचीन तुंगनाथ महादेव मंदिर के कपाट वैदिक मंत्रोंच्चारण के साथ खुल गए हैं। नेशनल लॉकडाउन की वजह से यहां लगभग 20 लोगों की उपस्थिति में कपाट खोले गए। उत्तराखंड में पंचकेदार स्थित हैं। इन मंदिरों की कथाएं पांडवों से जुड़ी हैं। ठंड के दिनों में यहां वातावरण प्रतिकूल रहता है। इस वजह से तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया जाता है। गर्मी के दिनों में मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।

मान्यता है कि तुंगनाथ क्षेत्र में माता पार्वती ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए तप किया था। मंदिर का इतिहास एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। पंच केदार में केदारनाथ, रुद्रनाथ, तुंगनाथ, मध्येश्वर, कल्पेश्वर शामिल है। समुद्रतल से तुंगनाथ मंदिर की ऊंचाई करीब 12000 फीट है। इसी वजह से ये मंदिर ट्रैकिंग के शौकीनों की पसंद है। हर साल यहां हजारों पर्यटक देशभर से पहुंचते हैं।

मार्कंडेय मंदिर, मक्कूमठ में सुबह आठ बजे से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना शुरू हुए। पुजारी ने महाभिषेक, भोग और आरती की। इसके बाद स्थानीय नए अनाज का भोग लगाया गया।

कैसे पहुंच सकते हैं तुंगनाथ मंदिर

तुंगनाथ पहुंचने के लिए सोनप्रयाग पहुंचना होता है। इसके बाद गुप्तकाशी, उखीमठ, चोपता होते हुए तुंगनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं।



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