सोमवार को घर में ही परिवार सहित करें शिव अभिषेक के साथ ये काम

शिव महापुराण के अनुसार जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान शिव जी की पूजा आराधना से हो सकता है। शिव महापुराण में बताया गया है कि सोमवार, पूर्णिमा, प्रदोष एवं सावन के महीने में पूर्ण श्रद्धा के साथ शिवलिंग का इन पदार्थों से परिवार सहित अभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर सुगंधित शुद्ध चंदन से त्रिपुंडी का तिलक लगाने से जीवन के समस्त कष्टों से मुक्ति मिलने लगती है।

सोमवार को घर में ही परिवार सहित करें शिव अभिषेक के साथ ये काम

इन पदार्थों से करें शिवाभिषेक

1- पंचामृत- पंचामृत से शिव जी का अभिषेक करने पर हर प्रकार के कष्टों का निवारण होगा।

2- दूध- गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से मनुष्य को यश और लक्ष्मी की प्राप्ति होने के साथ घर में खुशहाली आती है एवं घर से हर प्रकार के कलह एवं कलेश दूर होते हैं।

3- गंगाजल- भगवान शंकर को गंगा जल परम प्रिय है, इसी कारण गंगा को भगवान शिव ने अपनी जटाओं में धारण कर रखा है।

सोमवार को घर में ही परिवार सहित करें शिव अभिषेक के साथ ये काम

4- देसी घी- गाय के शुद्घ देसी घी से अभिषेक करने पर मनुष्य दीर्घायु को प्राप्त करता है तथा वंश की वृद्धि होती है।

5- गन्ने का रस- गन्ने के रस से अभिषेक करने पर घर में लक्ष्मी का सदा वास रहता है तथा किसी वस्तु की कभी कोई कमी नहीं रहती।

6- सरसों का तेल- सरसों के तेल के साथ रुद्राभिषेक करने पर शत्रुओं का नाश होता है तथा स्वयं को हर क्षेत्र में विजय की प्राप्ति होती है।

7- सुंगधित तेल- सुंगधित तेल चढ़ाने से भोगों की प्राप्ति होती है।

सोमवार को घर में ही परिवार सहित करें शिव अभिषेक के साथ ये काम

8- शहद- शहद से अभिषेक करने पर हर प्रकार के रोगों का निवारण होता है तथा यदि पहले ही कोई रोग लगा हो तो उससे छुटकारा भी मिलता है।

9- बेल पत्र- घर में सुख-समृद्धि, पत्नी सुख के लिए 40 दिन तक निरंतर भक्ति भाव से बेल पत्र से भगवान का अभिषेक करना चाहिए अथवा एक दिन 108 बेलपत्र "ऊँ नम:शिवाय" मंत्र के उच्चारण के साथ चढ़ाना चाहिए।

10- धतूरा- धतूरे के एक लाख फूलों से निरंतर अभिषेक करने पर शुभ फलों की प्राप्ति होती है परंतु लाल डंठल वाले धतूरे से पूजन करना अति उत्तम माना गया है तथा उसे संतान सुख मिलता है।

सोमवार को घर में ही परिवार सहित करें शिव अभिषेक के साथ ये काम

 

शिवाभिषेक करने से पूर्व इन दो शिव मंत्र का जप 108 बार जरूर करें। साथ ही अभिषेक करते समय भी इन मंत्रों का उच्चारण करते रहे।

1- ।। ॐ नमः शिवाय ।।

2- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।



source https://www.patrika.com/dharma-karma/shiv-abhishek-vidhi-aur-labh-in-hindi-6064805/

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