सूर्यग्रहण से पहले सूर्य बदलने जा रहा है अपना घर, जानिये क्या होगा इसका असर

इन दिनों कोरोना काल में जहां इस कोरोना का कारण ग्रहों की चाल को बताया जा रहा है, वहीं आकाश में सूर्य व चंद्र का एक अनोखा खेल जारी है। इसके तहत जहां 5 जून 2020 को पड़े चंद्रग्रहण के बाद अब 15 जून को सूर्य अपनी राशि परिवर्तन कर रहे हैं। वहीं इसके बाद 21 जून 2020 को सूर्य ग्रहण है फिर 5 जुलाई को चंद्रग्रहण होगा, जिसके बाद इसके बाद एक बार फिर 18 जुलाई 2020 को सूर्य परिवर्तन करेंगे।

ये सब हम आपको इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का सीधा प्रभाव हर मानव पर पड़ता है। ऐसे में इस बार भी इन ग्रहों की इस गति का हर राशि पर असर पड़ेगा।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हिन्दू ज्योतिष में सूर्य ग्रह जब किसी राशि में प्रवेश करता है तो वह धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ समय होता है। इस दौरान लोग आत्म शांति के लिए धार्मिक कार्यों का आयोजन कराते हैं तथा सूर्य की उपासना करते हैं।

विभिन्न राशियों में सूर्य की चाल के आधार पर ही हिन्दू पंचांग की गणना संभव है। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है तो उसे एक सौर माह कहते हैं।

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Surya Rashi Parivartan on 15 June 2020, just before solar eclipse

वहीं हिन्दू पौराणिक ग्रंथों में सूर्य को देवता माना गया है जिसके अनुसार, सूर्य समस्त जीव-जगत के आत्मा स्वरूप हैं। इसके द्वारा व्यक्ति को जीवन, ऊर्जा एवं बल की प्राप्ति होती है।

हिन्दू पंचांग के अनुसार रविवार का दिन सूर्य ग्रह के लिए समर्पित है जो कि सप्ताह का एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। वहीं प्रचलित मान्यता के अनुसार सूर्य महर्षि कश्यप के पुत्र हैं। माता का नाम अदिति होने के कारण सूर्य का एक नाम आदित्य भी है। ज्योतिष में सूर्य ग्रह को आत्मा का कारक कहा गया है।

ज्योतिष के नौ ग्रहों में से केवल सूर्य और चंद्र ही दो ग्रह हैं जो कभी वक्री गति नहीं करते हैंं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह जन्म कुंडली में पिता का प्रतिनिधित्व करता है। जबकि किसी महिला की कुंडली में यह उसके पति के जीवन के बारे में बताता है।

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सूर्य के प्रभाव...
सेवा क्षेत्र में सूर्य उच्च व प्रशासनिक पद तथा समाज में मान-सम्मान को दर्शाता है। यह लीडर (नेतृत्व करने वाला) का भी प्रतिनिधित्व करता है। यदि सूर्य की महादशा चल रही हो, तो रविवार के दिन जातकों को अच्छे फल मिलते हैं। सूर्य सिंह राशि का स्वामी है और मेष राशि में यह उच्च होता है, जबकि तुला इसकी नीच राशि है।

सभी ग्रहों में सूर्य को राजा कहा जाता है, सूर्य तेज और पराक्रम के प्रतीक माने गए हैं, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक है तो इसकी वजह से व्यक्ति को अपने जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है, समाज में उसको मान-सम्मान मिलता है इतना ही नहीं बल्कि मनुष्य को कई तरफ से लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

सूर्य का वैदिक मंत्र
ॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च।
हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्।।

सूर्य का तांत्रिक मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः।।

सूर्य का बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।

आपको बता दें कि सूर्य हर 30 दिनों में अपनी राशि बदलते रहते हैं, इस बार 15 जून 2020 को ग्रहों के राजा सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं और यह 17 जुलाई 2020 तक इसी राशि में रहने वाले हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ होती है तो इससे उन्हें राजनीतिक जीवन में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

हालांकि दूसरी तरफ यदि किसी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो तो इससे जातक को समाज में मिलने वाले मान सम्मान में कमी, परिवार में पिता के साथ मतभेद और आंख से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

सूर्य गोचर का समय
वैदिक ज्योतिष में वर्णित नव ग्रहों में सूर्य ग्रह को राजा की उपाधि दी गई है। सूर्य अग्नि तत्व और लाल वर्ण वाला ग्रह है। यह पूर्व दिशा का स्वामी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। इसके अलावा सूर्य को आत्मा और पिता का कारक भी माना जाता है। व्यक्ति की जन्म कुंडली में यह विशेष रूप से सम्मान, सफलता, प्रगति और उच्च पद को प्रदर्शित करता है।

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इस साल सूर्य का गोचर 15 जून 2019, शनिवार को सायं 17:31 बजे मिथुन राशि में होगा और 17 जुलाई 2019 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। सूर्य के इस गोचर का प्रभाव सभी बारह राशियों के जातकों पर होगा।

आइए आपको बताते हैं कि समस्त 12 राशियों पर सूर्य के मिथुन राशि में होने वाले इस गोचर का क्या विशेष प्रभाव पड़ने वाला है। इसके साथ ही हम सभी राशियों के लिए सूर्य के विशेष उपाय भी बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाने से आप सूर्य गोचर के विपरीत प्रभाव से बच सकते हैं।

वहीं पंडित शर्मा के अनुसार चूंकि वर्तमान में सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होने जा रहा है, लिहाज़ा इसका प्रभाव सभी बारह राशि के जातकों पर सामान्य रूप से पड़ने वाला है।

ऐसे में आपकी राशि से जिस भाव में सूर्य की स्थिति होगी उसके अनुसार ही आपको अच्छे और बुरे फल प्राप्त होंगें। आखिर सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालने वाला है? और बुरे प्रभाव की स्थिति में इसे कैसे कम किया जा सकता है, आइये जानते हैं...

Surya Rashi Parivartan on 15 June 2020, just before solar eclipse

सूर्य के इस परिवर्तन का राशियों पर असर और बचाव के लिए उपाय...

1. मेष राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से तीसरे भाव में विराजमान रहेंगें। यानि मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर मिला जुला परिणाम लेकर आ रहा है। ऐसे में इस गोचर के दौरान आपके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी और आपका आत्मबल मजबूत होगा। इसके साथ ही आपके स्वभाव में उग्रता आ सकती है, जिसका विपरीत प्रभाव आपके कार्यक्षेत्र पर पड़ सकता है।

इस गोचर काल के दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी नकारात्मक छवि बन सकती है। वहीं परिवार में पिता के साथ वैचारिक मतभेद होने की संभावना भी है। इसके साथ ही छोटे भाई बहनों को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या आ सकती है।

गोचर की अवधि के दौरान आपके जीवन में किसी ऐसे शख़्स की एंट्री हो सकती है, जिसके साथ भविष्य में आपका नया रिश्ता जुड़ सकता है।

उपाय: विपरीत प्रभावों से बचने के लिए पूर्ण श्रद्धा के साथ अपने पितरों की पूजा करें।

2. वृषभ राशि
सूर्य इस गोचर के दौरान आपकी राशि से दूसरे भाव में विराजमान होने वाले हैं। इस गोचर काल के दौरान आर्थिक रूप से आपको आमदनी होने की संभावना है। गोचर की इस अवधि में आपकी आय के स्रोत में वृद्धि हो सकती है और इसके साथ ही साथ ज़मीन जायदाद के मामलों में भी आपको मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है।

इसके साथ ही आप अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर देकर भी अच्छा ख़ासा लाभ उठा सकते हैं।

जबकि सूर्य का ये गोचर आपके अहम् में वृद्धि कर सकता है, लिहाज़ा गोचर काल के दौरान विशेष सावधानी बरतें। ध्यान रखें कि इस दौरान किसी को भी कोई ऐसी बात ना कहें जिससे उनके दिल को चोट पहुंचती हो।

स्वास्थ्य की दृष्टि में सूर्य का ये गोचर आपके लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है। अत: इस दौरान अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें। यदि आप शादीशुदा हैं तो इस दौरान अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें क्योंकि गोचर काल का विपरीत प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसके अलावा परिवार में किसी प्रकार के वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उपाय: विपरीत प्रभावों से बचने के लिए छोटी कन्याओं की सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें।

3. मिथुन राशि
सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, इसलिए ये आपकी राशि से लग्न भाव यानि की प्रथम भाव में स्थापित होंगे सूर्य का ये गोचर आपके स्वभाव में आक्रामकता ला सकता है, जिसका विपरीत प्रभाव आपके प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन में देखने को मिल सकता है।

इस दौरान जहां एक तरफ आपके पार्टनर के साथ झगड़े हो सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ जीवनसाथी के साथ भी वैचारिक मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अत: अपनी वाणी में सौम्यता बनाए रखें।

स्वास्थ्य के लिहाज से सूर्य का ये गोचर आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इस अवधि में आप बुखार और सिरदर्द की समस्या से पीड़ित हो सकते हैं। इसके अलावा पारिवारिक स्तर पर आने वाली समस्याओं से निपटारे में आपके भाई बहन का आपको भरपूर सहयोग प्राप्त हो सकता है।

उपाय: नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक रविवार के दिन गुड़ दान करें।

4. कर्क राशि
सूर्य गोचर के दौरान ये आपकी राशि से बारहवें भाव में विराजमान होंगें। सूर्य के इस गोचर के दौरान आपको विदेश यात्रा का सुख प्राप्त हो सकता है। वहीं सूर्य के गोचर की इस अवधि में आप अपने शत्रुओं पर विशेष रूप से विजय प्राप्त कर सकते हैं।

इस दौरान आपको कुछ मामलों में जहां सकारात्मक लाभ प्राप्त होंगें, वहीं कुछ मामलों में नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान यदि आपका कोर्ट कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो उसमे फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।

आर्थिक पक्ष को देखें तो, गोचर की अवधि में आपको आर्थिक रूप से ख़ासा नुकसान हो सकता है। अत: ख़र्चों पर काबू रखें। इस गोचर काल के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर ख़ासा सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ सकती है।

यदि आप व्यापारी हैं तो इस गोचर काल में आपको विदेशी स्रोतों में निवेश करने से लाभ प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा यदि आप शादीशुदा हैं तो, गोचर की इस अवधि के दौरान कर्क राशि के जातकों को खासतौर से अपने जीवन साथी की सेहत का भी विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता होगी।

उपाय: विशेष लाभ के लिए भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें गेहूं अर्पित करें।

5. सिंह राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में स्थापित होंगें। सिंह राशि वालों के लिए सूर्य के गोचर की ये स्थिति विशेष रूप से लाभदायक साबित होने वाली है। इस दौरान से जहां समाज में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी तरफ आप अपने दोस्तों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे।

गोचर की इस अवधि के दौरान आपको अपने दोस्त और पार्टनर दोनों का भरपूर साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र की बात करें तो, इस दौरान आपके अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ आपके अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं।

इसके अलावा इस गोचर काल में किसी सरकारी योजना से भी आपको अचानक ही लाभ प्राप्त हो सकता है। जबकि प्रेम जीवन में आपके समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

उपाय: नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए माथे पर केसरिया तिलक लगाएं।

6. कन्या राशि
सूर्य केइस दौरान ये आपकी राशि से दसवें भाव में स्थापित होंगें। सूर्य का ये गोचर आपके लिए कार्यक्षेत्र और व्यापार के क्षेत्र में ख़ासा लाभदायक सिद्ध हो सकता है। इस गोचर काल में जहां एक तरफ आपको बिज़नेस में मुनाफ़ा होगा, वहीं दूसरी तरफ कार्यक्षेत्र में भी पदोन्नति की संभावना है।

कार्यक्षेत्र में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपकी मेहनत की भी सराहना होगी। इस दौरान बिज़नेस के फैलाव के लिए आपको किसी विदेशी स्रोत से लाभ प्राप्त हो सकता है।

इस गोचर काल में परिवार में किसी बात को लेकर अशांति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। माता-पिता की सेहत का खास ख्याल रखें। उनकी सेहत में होने वाली गिरावट से मानसिक अशांति रहेगी।

वहीं इस दौरान इस राशि के छात्रों को विशेष लाभ मिलने वाला है। यदि आप परिश्रम करते हैं तो उसका फल आपको ज़रुर मिलेगा।

उपाय: नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए प्रातः 8 बजे से पूर्व सूर्य मंत्र का जाप करें।

7. तुला राशि
सूर्य का गोचर आपसे नौवें भाव में होगा। गोचर की ये अवधि आपके लिए आर्थिक रूप से ख़ासी प्रभावशाली साबित होगी। इस दौरान आपको आर्थिक स्तर पर बड़े फायदे मिल सकते हैं।

संभव है कि इस गोचर काल में आपकी आय में भी बढ़ोतरी हो, इसके अलावा किसी अनजान स्रोत से भी लाभ की संभावना बन सकती है। सूर्य के इस गोचर के दौरान आर्थिक रूप से की गई यात्रा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
सूर्य के सकारात्मक प्रभाव से आपको कार्यक्षेत्र में भारी लाभ देखने को मिल सकता है। बॉस आपकी तारीफ करेंगे और सहकर्मी आपके सहयोग के लिए हमेशा साथ नजर आएंगे।

सरकारी कर्मचारियों को सरकार की तरफ से कोई ख़ास तोहफ़ा मिल सकता है। हालांकि पारिवारिक जीवन में भाई बहनों के साथ पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उपाय: नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए सूर्य देव को प्रातः काल तांबे के पात्र से अर्घ्य दें।

8. वृश्चिक राशि
सूर्य ग्रह के गोचर के दौरान ये आपकी राशि से आठवें भाव में रहेंगें। सूर्य का ये गोचर वृश्चिक राशि वालों के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से प्रतिकूल साबित होने वाला है। लिहाजा इस दौरान आपको अपनी सेहत का ख़ासा ध्यान रखने की आवश्यकता है।

इस गोचर अवधि के दौरान आपकी बोलचाल में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इस समय प्रयास करें कि दूसरों के साथ किसी भी प्रकार के मतभेद की स्थिति में ना पड़ें। कामकाज के सिलसिले में इस दौरान आपको किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है, लेकिन ये यात्रा आपके लिए फलदायी रहेगी।

सूर्य के प्रभाव से आपको कार्यक्षेत्र में उतार चढ़ाव की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन निरंतर प्रयासों से आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहेंगे।

उपाय: विशेष लाभ के लिए भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें गुड़ का भोग लगाएं।

9. धनु राशि
इस दौरान सूर्य आपकी राशि से सातवें भाव में स्थित होंगें। इस गोचर काल में सूर्य का प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए ख़ासा प्रभावशाली साबित होने वाला है। अपने मन में किसी भी प्रकार का अहंकार ना पालें।

इस दौरान आपको आपके जीवनसाथी से किसी विशेष प्रकार का लाभ प्राप्त हो सकता है। सूर्य का प्रभाव आपके लिए सामाजिक रूप से लाभदायक साबित होने वाला है। समाज में आपकी छवि में सुधार होगा और आप ज्यादा से ज्यादा लोगों के संपर्क में आएंगे।

दूसरी तरफ कार्यक्षेत्र में आपको उच्च अधिकारियों से लाभ मिल सकता है। यदि आप किसी सरकारी संस्थान में कार्यरत हैं तो, गोचर की अवधि के दौरान आपको कोई सरकारी लाभ भी मिल सकता है।

वहीं यदि आप किसी से प्यार करते हैं और उनसे शादी करना चाहते हैं तो, ये समय आपके लिए सबसे उत्तम समय है। बहरहाल आपके प्यार के रास्ते में कुछ मुसीबतें ज़रुर आएँगी लेकिन अंत में जीत आपकी ही होगी।

बिज़नेस से जुड़े लोगों के लिए भी गोचर की ये अवधि बेहद फलदायी साबित होने वाली है, आपको अचानक ही किसी लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

उपाय: नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए तांबे के लोटे में शुद्ध जल और कुमकुम मिलाकर, उसे भगवान सूर्य को अर्पित करें।

10. मकर राशि
सूर्य के गोचर की इस अवधि में ये आपकी राशि से छठे भाव में रहेंगें। इस गोचर काल के दौरान आप खुद को पहले से ज्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे। इसके साथ ही साथ आपके दुश्मन पराजित होंगें और आप अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकेंगे।

आर्थिक आधार पर इस गोचर का समय आपके लिए पिछले कर्जों से मुक्त होने के लिए बेहद उत्तम है। इस दौरान आप एक नयी शुरुआत करने में सक्षम रहेंगे। हालांकि इस समय आपके ख़र्चों में भी वृद्धि हो सकती है, लिहाजा तालमेल बनाकर चलें।

वहीं गोचर की इस अवधि के दौरान आप किसी विशेष शारीरिक समस्या से ग्रस्त हो सकते हैं। सूर्य के गोचर के दौरान खासतौर से वाहन चलाते वक़्त विशेष सावधानी बरतें। यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है तो, फैसला आपके पक्ष में आने की पूरी संभावना है।

वहीं कार्यक्षेत्र में खुद को साबित करने के लिए आपको विशेष मेहनत करने की आवश्यकता पड़ सकती है। लिहाजा कामकाज में सफलता के लिए मेहनत करने से किसी भी कीमत पर पीछे ना हटें।

उपाय: नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए रविवार के दिन बैल को गेहूं और गुड़ खिलाएं।

11. कुंभ राशि
मिथुन राशि में गोचर के दौरान सूर्य आपकी राशि से पांचवें भाव में रहेंगें। सूर्य के गोचर के प्रभाव से विशेष रूप से बच्चों की तबियत में गिरावट हो सकती है। लिहाजा परिवार में बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।

सूर्य के गोचर काल में आपको अपने स्वास्थ्य पर भी ख़ास ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि आप किसी के प्रेम में हैं तो संभव है कि आप दोनों के बीच किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

इस दौरान आप अपने अहंकार पर काबू रखें नहीं तो रिश्ते में कड़वाहट आ सकती है। यदि आप शादीशुदा हैं तो इस गोचर का लाभ विशेष रूप से आपके जीवनसाथी को मिल सकता है।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो नौकरीपेशा लोग इस दौरान किसी नई जगह से जुड़ सकते हैं।

उपाय: विपरीत प्रभावों से बचने के लिए रविवार के दिन तांबे का दान करें।

12. मीन राशि
सूर्य इस दौरान आपकी राशि से चौथे भाव में रहेंगे। सूर्य के प्रभाव से आपको पारिवारिक जीवन में ख़ासा मुसीबतें झेलनी पड़ सकती हैं। परिवार में सदस्यों के बीच किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे तनाव का माहौल रहेगा।

इसके साथ ही माता पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी इस समय आप परेशान हो सकते हैं। घर में शांति के लिए छोटी-छोटी बातों पर अपनी प्रतिक्रिया ना व्यक्त करें।

वहीं कार्यक्षेत्र में आप अपनी मेहनत के बलबूते अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहेंगे। लिहाजा कॅरियर के दृष्टिकोण से आपके लिए सूर्य का ये गोचर फलदायी साबित होगा।

भले ही गोचर की अवधि के दौरान आपके अहंकार में वृद्धि हो सकती है, लेकिन आप उससे बाहर निकलने में कामयाब रहेंगे। आपके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी और आप जीवन में आने वाली सभी परिस्थितियों के लिए खुद को संबल बना पाने में कामयाब रहेंगे।

वैवाहिक जीवन की बात करें तो, यदि आपका जीवनसाथी नौकरी पेशा हैं तो उन्हें इस दौरान ख़ासा लाभ प्राप्त हो सकता है।

उपाय: नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए विशेष रूप से रविवार के दिन गेहूं दान में दें।



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