सावन महीने में दान करने से जाने-अनजाने में हुए पापों से मिलती है मुक्ति

सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है। इस महीने में शिवजी की पूजा के साथ दान का भी बहुत महत्व है। शिव पुराण के अनुसार सावन महीने में दान से हर तरह का सुख, वैभव और पुण्य मिलता है। धर्म ग्रंथों के जानकार काशी के पं. गणेश मिश्र बताते हैं कि सावन महीने में किसी भी चीज का दान करने से कई गुना पुण्य फल मिलता है। इस महीने में रूद्राक्ष, दूध, चांदी के नाग, फलों का रस और आंवला दान करने से जाने-अनजाने में किए पाप खत्म हो जाते हैं। साथ ही इस महीने में पौधारोपण करने से पितृ देवता प्रसन्न होते हैं। पं. मिश्र के अनुसार जिस इंसान को दान करने में आनंद मिलता है, उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है क्योंकि देना इंसान को श्रेष्ठ और सत्कर्मी बनाता है।

रुद्राक्ष दान करने से बढ़ता है सुख और ऐश्वर्य
सावन महीने में शिवजी का अभिषेक, शिवपुराण कथा पढ़ने-सुनने और मंत्र जाप के अलावा दान का भी बहुत महत्व है। सावन महीने में चांदी के सिक्के दान देने या चांदी से बने नाग-नागिन की मूर्तियां शिवलिंग पर चढ़ाने से मिलने वाला पुण्य कभी खत्म नहीं होता है। इससे ऐश्वर्य बढ़ता है। शिवालयों में वैदिक ब्राह्मण को रुद्राक्ष माला का दान करने से सुख बढ़ता है।

दीपदान के समान है विद्या दान
श्रावण महीने में हर दिन दीपदान करने का बहुत महत्व है। दीप यानि ज्ञान प्रकाश। प्रकाश फैलाने की प्रेरणा दीप पूजन में है। इसका मतलब हमें विद्या-दान के क्षेत्र में भी संकल्पित होकर उतरना चाहिए, ताकि शिव भगवान की कृपा हमें मिले। श्रावण महीने में बिल्वपत्र, शमीपत्र, शिवलिंगी और आंवले का पौधारोपण भी दान के बराबर ही है।



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Donating in the month of Savan gives freedom from inadvertent sins


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