शुक्र करने जा रहे हैं कर्क राशि में गोचर, जानिये आप पर इसका प्रभाव

आकाश में लगातार हो रहे ग्रहों के परिवर्तन के बीच एक बार फिर एक बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। इसके तहत शुक्र ग्रह 1 सितंबर को 02:02 बजे मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेगा, इस राशि में यह लगभग एक महीने तक गोचर करेगें। जिसके बाद 28 सितंबर 1 बजकर 1 मिनट तक शुक्र ग्रह इसी राशि में रहेगा और उसके बाद सिंह राशि में गोचर कर जाएगा।

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है।

शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और तथा सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं।

किसी भी ग्रह का गोचर चंद्रमा से देखा जाएगा अर्थात व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में है उससे गोचर के ग्रह देखे जाएंगे कि चंद्र राशि से वह ग्रह किस भाव में चल रहा है। शुक्र के कर्क राशि में प्रवेश करने पर यह बारह राशियों – मेष से मीन तक में अजग अलग प्रभाव देगा।

शुक्र का राशियों पर असर : Venus affects zodiac signs ...

1. मेष राशि /Aries

शुक्र का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव यानि सुख व मां के भाव में रहेगा। इस भाव में शुक्र का गोचर शुभ फल प्रदान करता है, इस दौरान आपकी बुद्धिमत्ता और ज्ञान की वृद्धि होगी। माता अथवा माता समान महिला से मतभेद हो सकते हैं, क्योंकि चौथा भाव गोचर में पीड़ित रहेगा

वहीं यदि आपने काफी समय से घर लेने का प्लान कर रखा है तब इस समय कुछ अड़चनों के साथ आपके प्रयास सफल हो सकते हैं क्योंकि शुक्र पर वक्री शनि की दृष्टि रहेगी और मेष राशि से मंगल भी चौथी दृष्टि से शुक्र को देखेगा।

आपका ध्यान हर प्रकार से भौतिक सुखों को पाने में लगा रहेगा। इस समय मतभेद होने के बावजूद पारीवारिक सदस्य आपके साथ खड़े रहेगें। घर में हँसी-खुशी का माहौल महसूस कर सकते हैं।


2. वृषभ राशि /Taurus

शुक्र का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव यानि पराक्रम के भाव में रहेगा जो कि शुभ है। इस समय आपका झुकाव अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए हो सकता है। शुक्र का गोचर तीसरे भाव में होने पर आप वह सभी काम निपटाएंगे जिनकी आपने प्लानिंग की होगी। इस समय आप कोई पद भी पा सकते हैं, वहीं आपके शत्रु इस समय चुप्पी साधे रह सकते हैं।

इस समय स्थान परिवर्तन का योग भी बनेगा। यह समय मित्रों के साथ काफी मस्ती भरा समय बीतेगा। इस समय आपका ध्यान खुद की पर्सनैलिटी को निखारने में भी हो सकता है। नए मित्र आपकी लिस्ट में आ सकते हैं और उनके साथ भी ज्यादा समय बिता सकते हैं। इस समय आप सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहेगें।


3. मिथुन राशि / Gemini

शुक्र का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव यानि धन भाव में रहेगा। शुक्र के गोचर से इस समय परिवार ही आपकी प्राथमिकता रहेगी। धन में वृद्धि के साथ ही इस समय आपकी वाणी भी प्रभावशाली रहेगी और अपनी बात को पूरे वजन से कहेगें।

सरकार या सरकारी उच्चाधिकारियों से लाभ होने की संभावना के बीच धन की वृद्धि, जीवनसाथी से सुख की प्राप्ति और मान-सम्मान की वृद्धि होगी। इस समय दूसरे भाव में स्थित शुक्र पर मंगल तथा शनि की दृष्टि भी रहेगी, जिससे मादक द्रव्यों में रुचि बढ़ जाएगी।

तर्क शक्ति में वृद्धि के साथ ही आपके द्वारा दिए गये निर्णय सही दिशा में होगें। ध्यान रहे बहस किसी गलत दिशा की ओर नहीं जानी चाहिए अन्यथा आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है।


4. कर्क राशि / Cancer

शुक्र इस समय आपकी ही राशि यानि आपके लग्न में गोचर करेंगे। शुक्र का प्रवेश चंद्र के साथ ही चंद्र की राशि में हो रहा है, जिसके चलते आपका ध्यान इस समय भोग-विलास की ओर ज्यादा बढ़ेगा। इस समय जीवन के सभी सुख तथा भोगों को पाने की लालसा बढ़ेगी, इस समय आप जिद्दी तथा दुराचारी हो सकते हैं।
आप उच्च कोटि के भोगों की इच्छा मन में पाल सकते हैं, भले ये इच्छाएं पूरी हो या ना हों. इस समय आपके जीवन में इत्र अथवा खुश्बूदार चीजों का भोग बढ़ेगा। इसके साथ ही इस समय संतान सुख में भी वृद्धि के योग बनेगें। शनि व शुक्र की एक साथ दृष्टि पड़ने से आप गलत ट्रैक पर भी जा सकते हैं।
इस समय आप खुद पर ज्यादा ध्यान देगें। सुन्दर वस्त्र तथा आभूषणों में आपकी रुचि बढ़ेगी, खुद को संवारना अच्छा लगेगा और हर समय खुद पर ध्यान ज्यादा रहेगा।

5. सिंह राशि / leo

शुक्र का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव यानि व्यय भाव में होगा। इस समय आपका ज्यादातर धन खर्च भोग-विलास में भी होगा, शुक्र को बारहवें स्थान का कारक भी माना गया है क्योंकि यहां से शैय्या सुख देखा जाता है। जब शुक्र का गोचर यहां होगा तब शैय्या-सुख में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा इस समय आपके अंदर दान की इच्छा मजबूत होगी और आप दान भी करेगें।
इस समय अपने खर्चों पर आप नियंत्रण नहीं कर पाएंगे इसलिए बहुत ज्यादा खर्चे बढ जाएंगे रहेगें। अपने आसपास के लोगों के प्रति आपके मन में प्रतिद्वंद्विता की भावना समा सकती है अर्थात आप उन्हें अपना हितैषी समझने की बजाय विरोधी ज्यादा समझेगें।


6. कन्या राशि / Virgo

शुक्र का गोचर आपकी राशि के ग्यारहवें भाव (एकादश भाव) यानि आया भाव से शुक्र का गोचर रहेगा। इस भाव से शुक्र का गोचर अत्यधिक लाभ प्रदान करने वाला रहेगा। इस समय आपकी आय में वृद्धि के साथ ही प्रमोशन के योग बनेंगे। खर्चों के बराबर आपकी आय के स्त्रोत कहीं ना कहीं से बन ही जाएंगे। इस समय आपकी कार्य कुशलता में भी निखार आएगा। घर-गृहस्थी को चलाने के लिए सभी प्रकार की चीजों की आवश्यकता की पूर्ति सरलता से होगी।

कुछ ऎसे लाभ की प्राप्ति हो सकती हैं जिनके लिए आपने ज्यादा मेहनत नहीं की हो। आप जो भी प्रयास करेगें वह सफल होगें और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आप अपनी सभी इच्छाओं की पूर्त्ति इस समय कर पाएंगे।

7. तुला राशि / Libra

शुक्र का गोचर आपकी राशि के दशम भाव यानि कर्म भाव में रहेगा दशम भाव में शुक्र का गोचर बहुत अच्छा नहीं माना जाता। इस समय आप मानसिक परेशानियों से गुजर सकते हैं और मुश्किल हालातों का सामना भी करना पड़ सकता है।

रुपये-पैसे से संबंधित परेशानियाँ भीखड़ी हो सकती है। परेशानी के हालात में आप छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाएंगे। कुछ स्कैण्डल्स में भी आपका नाम उछाला जा सकता है क्योंकि दशम भाव में शुक्र की स्थिति अच्छी नहीं होती है। यहां गोचर के मंगल व शनि की दृष्टि भी दशम भाव पर आने से ऎसा कुछ हो सकता है, जिससे आपको अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इसके अलावा कामकाज में कई प्रकार की रुकावटों का सामना भी करना पड़ सकता है। इस समय कैरियर में आपके प्रयास बढ़ेगें और जितना परिश्रम आप करेगें उस से कम लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र पर कार्यों में रुकावट आएगी जिससे आपका मन अत्यधिक चिड़चिड़ा रहेगा।

सोसायटी में भी आपके बारे में बुरी बातें फैल सकती है़, दूसरे लोग आपको इस समय बुरे कामों की ओर ही धकेलने का प्रयास करेगें, इस समय आपको सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

8. वृश्चिक राशि : Scorpio

शुक्र का गोचर आपकी राशि के नवम भाव यानि भाग्य में रहेगा। कुंडली में नवम भाव को भाग्य भाव कहा जाता है, साथ ही शुक्र की भाग्य के कारक देव भी माने जाते हैं। इस समय लक्ष्मी प्राप्ति में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आएगी, इस समय आप गरीबों को खाना बाटेगें और अन्य प्रकार से भी सहायता करेगें।

वहीं इस दौरान आपकी धर्म में रुचि बढ़ सकती है, इसके साथ ही भाग्य में वृद्धि के चलते आय प्राप्ति के स्त्रोत बढ़ेगें और वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति आदर का भाव बढ़ेगा। इस समय आपको हर प्रकार की सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी जिनसे आप लाभान्वित होगें। आपकी उन्नति के रास्ते खुलेगें। इस समय आप हर प्रकार से जिन्दगी का सुख भोगेगें।

इस समय ईश्वरीय़ कृपा पर आपका विश्वास गहरा होगा। भले ही इस भाव में गोचर के शुक्र पर गोचर के ही शनि व मंगल की दृष्टि भी रहेगी, जो सकारात्मक फलों में कमी कर सकते हैं लेकिन यहां मंगल वृश्चिक राशि के स्वामी होने से ज्यादा खराब नहीं करेगें। अविवाहित व्यक्तियों के विवाह की बात चलेगी और कई लोगों का विवाह संपन्न भी हो जाएगा।

9. धनु राशि / Sagittarius

शुक्र का गोचर आपकी राशि से आठवें भाव यानि आयु भाव में रहेगा। इस समय जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण बदलेगा और एक नई आशा की किरण आपके मन में जाग्रत होगी। इस समय आपके काम सरलता से बनना आरंभ होगें, जिससे आपके अंदर नई उम्मीदों का संचार होगा और पूर्ण विश्वास के साथ जीवन को जीने के नजरिए में बदलाव आएगा। हर प्रकार की सुख-सुविधाएं मिलने के साथ ही दु:खों का नाश होगा।

आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। शारीरिक दुर्बलता से निजात मिलेगी और आप फिर से पहले वाली ऊर्जा हासिल करेगें। आप अविवाहित हैं तब आपका विवाह होगा और रोजमर्रा की बातों में भी आपका जीवनसाथी आपके साथ खड़ा रहेगा। किसी भी प्रकार से रुपये-पैसों का अभाव नहीं रहेगा। आपकी इच्छाओं के अनुसार आपके काम बनते रहने के योग बनेगें।

दु:ख-दर्द का एक तरह से अंत इस समय कहा जा सकता है, समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा।


10. मकर राशि / Capricorn

शुक्र का गोचर आपकी राशि से सातवें भाव यानि विवाह भाव में रहेगा। इसके चलते शादीशुदा होते हुए भी दूसरी शादी का ख्याल मन में आएगा और आप कर भी सकते हैं। जीवनसाथी के प्रति भी आपकी गलतफहमियां उभरती रहेंगी। विदेश जाने का अवसर तो मिलेगा, लेकिन वहां किसी गलत व्यक्ति या महिला के संपर्क में आने की वजह से स्कैण्डल्स में फंसने के योग बनेगें, इसलिए आपको सावधान रहें।

थकान और आलस महसूस होगा। मन-मस्तिष्क बेकाबू घोड़े की तरह हो जाते हैं जो बेकार की सोच पैदा करते हैं। इस भाव में शुक्र के गोचर से व्यक्ति को नदी, तालाब आदि पर नहीं जाना चाहिए। जन्म राशि से सातवें भाव में शुक्र गोचर कभी शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन इस भाव में शुक्र का गोचर कोर्ट कचहरी के लिए अच्छा माना गया है।

इस दौरान कर्क राशि में शुक्र के गोचर पर गोचर के ही शनि व मंगल की भी दृष्टि बनी रहेगी ऐसे में ज्यादा सावधानी की जरुरत है।परिवार में विचारों का टकराव आपका चलता रहेगा। इस समय आप मित्रों व रिश्तेदारों के प्रति दुर्व्यवहार की भावना आ सकती है।


11. कुंभ राशि / Aquarius

आपकी राशि से शुक्र का गोचर छठे भाव यानि शत्रु भाव में होगा। जिसके चलते जीवनसाथी के साथ हर छोटी बात पर झगड़ा होगा। असंतुष्टि के कारण मस्तिष्क भी बेचैन रहेगा जिससे हर छोटी बात पर आपका झगड़ा होता रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घेर सकती हैं। दशा/अन्तर्दशा भी अगर इस समय बुरे भावों की हैं तो वाहन से दुर्घटना होने के योग बन सकते हैं, इसलिये वाहन चलाने में आपको इस समय जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

मस्तिष्क में सदा अस्थिरता चिंताओं का कारण बनेगी। बिना बात की भाग-दौड़ रहेगी जिनका कोई अर्थ नहीं होगा और ना ही किसी तरह का कोई लाभ ही होगा।

12. मीन राशि / Pisces

आपकी राशि से शुक्र का गोचर पांचवें भाव यानि बुद्धि व संतान भाव में रहेगा। जो कि अच्छे फल प्रदान करने वाला माना जाता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए यह समय सकारात्मक फल देने वाला होगा। आपका दिमाग इस समय अधिक से अधिक लाभ कमाने में लगा होगा। उच्च स्तरीय लोगों से संबंध मजबूत होगें जिससे आपको मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। पांचवें भाव में गोचर से आपकी बुद्धिमता में वृद्धि होगी जिससे ज्ञान का विस्तार होगा।

घर-परिवार के वरिष्ठ लोगों से आप समय-समय पर सलाह-मशविरा करते रहेगें और उनका पूरा सहयोग आपको प्राप्त होगा। इसके साथ अपने गुरुओं का आशीर्वाद भी आपके ऊपर बना रहेगा।. इस समय आप खुद को कभी अकेला महसूस नहीं करेगें क्योंकि किसी ना किसी का साथ आपको हर समय मिलता रहेगा। इस समय आपके शत्रुओं की हार रहेगी साथ ही कोई आप पर हावी नहीं हो पाएगा।

यदि आप राजनीति में सक्रिय रहते हैं तब इस समय आपको मंत्री पद की प्राप्ति होने की संभावना बनेगी। जीवनसाथी से इस समय हर प्रकार का सहयोग मिलेगा, जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। आप भी बच्चों तथा जीवनसाथी का पूरा ख्याल रखेगें।


शुक्र के मंत्र :
शुक्र का वैदिक मंत्र
ॐ अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत् क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:।
ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपानं शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु।।

शुक्र का तांत्रिक मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः।।

शुक्र का बीज मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।।



source https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/venus-rashi-parivartan-affects-zodiac-signs-from-1-sep-2020-6364681/

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