23 सितंबर को राहु का परिवर्तन वृषभ में, दे रहा है जंग का संकेत

आकाश में ग्रहों की चाल लगातार नई नई स्थितियां पैदा करती रहती हैं, वहीं ज्योतिष के नौ ग्रह में होने वाले परिवर्तन हर किसी को काफी हद तक प्रभावित करते हैं। कभी ये परिवर्तन अत्यंत शुभ होती हैं, तो कभी अति विकराल... ऐसे में जल्द ही साल का सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। जो काफी विकराल स्थितियों को पैदा करता दिख रहा है। दरअसल 23 सितंबर को ज्योतिष के अनुसार प्रमुख असुर ग्रह राहु का परिवर्तन होने जा रहा है।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत से 23 सितम्बर 2020 तक राहु का गोचर मिथुन राशि में रहेगा और 23 सितम्बर 2020 को प्रात: 08:20 पर यह मिथुन से वृषभ राशि में संचार करेगा और फिर 12 अप्रैल 2022 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। राहु हमेशा वक्री अवस्था में ही संचार करता है। माना जाता है कि कलयुग में राहु का गोचर मानव जीवन पर बहुत अहम भूमिका निभाता है।

पंडितों व ज्योतिष के जानकारों के अनुसार वैदिक ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह कहा गया है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार राहु का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है फिर भी मानव जीवन में इसका सबसे अधिक और महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है। राहु के लिए कहा गया है कि राहु अगर बिगड़ जाए तो जिंदगी नरक सी बना देता है और सुधर जाए तो ताज भी पहना देता है।

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राहु के लिए ही कहा गया है कि राहु जिसे मारे तो फिर उसे कौन तारे और राहु जिसे तारे फिर उसे कौन मारे। यह भी माना जाता है कि राहु अगर खराब फल दे तो मुक़द्दमों में अवश्य फंसवाता है और बिना बात की मानसिक परेशानियों में उलझा देता है। वहीं राहु का शुभ प्रभाव हो तो जातक को बहुत सारा धन और राजनीति में मान तथा सम्मान के साथ उच्च पद भी मिलता है।

साल की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटना...
राहु का राशि परिवर्तन इस साल की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटनाओं में से एक है। अतः इसका प्रभाव भी सभी राशियों पर जबरदस्त तरीके से पड़ेगा। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार चूकिं राहू का असर कोरोना वायरस से भी जुड़ा दिख रहा है। ऐसे में इसके राशि परिवर्तन से कोरोना का असर न्यूनतम स्थिति में आने की भी संभावना है। राहु राशि परिवर्तन से जातक को अचानक लाभ, अचानक कष्ट या नुकसान देखने को मिल सकता है। प्रदेश व देश के विकास में सहायक होगा, तो सत्ता पक्ष में बेचैनी बढ़ाएगी। राहु में जहां शनि के गुण होते हैं तो केतु में मंगल के गुण।

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भारत : युद्ध के योग...
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार राहु का ये परिवर्तन सामरिक दृष्टि से भारत के लिए कुछ परेशानी वाला हो सकता है। क्यों वृषभ का राहु हमेशा ही भारत को युद्ध की स्थिति में ले जाता है। ऐसे में इस बार भी राहु का वृषभ में आना पाकिस्तान से युद्ध चाहे वह लिमिटेड वॉर ही क्यों न हो, कि ओर इशारा करता दिख रहा है। पूर्व में भी राहु के वृषभ में आने पर भारत का पाकिस्तान से युद्ध हो चुका है। भले ही युद्ध में जीत भारत की ही होगी, लेकिन युद्ध होना ही परेशानी का कारण रहेगा।

राहु : उत्पन्न करता है मन में भय...
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु एक अशुभ ग्रह है। हालांकि अन्य ग्रहों की तुलना में (केतु को छोड़कर) इसका कोई वास्तविक आकार नहीं है, इसलिए राहु को छाया ग्रह कहा जाता है। स्वभाव के अनुसार, राहु को पापी ग्रह की संज्ञा दी गई है। आमतौर पर कुंडली में राहु का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय उत्पन्न हो जाता है। परंतु कोई भी ग्रह शुभ या अशुभ नहीं होता है बल्कि उसका फल शुभ-अशुभ होता है। यदि कुंडली कोई ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो वह शुभ फल देता है। राहु को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है।

राहु : कैंसर और आकस्मिक दुर्घटना का कारक
राहु न केवल आपके जीवन में कॅरियर व पैसे को प्रभावित करता है, बलिक यह थोड़ा भ्रम भी देता है। ऐसे में कई बार ऐसा भी हो जाता है कि व्यक्ति के सामने कई रास्ते आ जाते हैं, जिसमें उसको सही चुनाव करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा बीमारियों में फूड प्वाइजनिंग, डायरिया, कैंसर के अलावा आकस्मिक दुर्घटना कराने में भी राहु ही मुख्य भूमिका निभाता है। वहीं राहु की वजह से किसी प्रकार की एलर्जी का भी सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि राहु विष का कारक होता है।

राहु का योग बनाता है धनवान...

ज्योतिष के जानकार वीडी श्रीवास्तव के अनुसार राहु जब कमजोर स्थिति में होता है तो उसके फल नकारात्मक मिलते हैं। वहीं राहु को अशुभ फल देने वाला ग्रह भी माना जाता है, लेकिन यह पूरा सत्य नहीं है। क्योंकि राहु कुंडली में शुभ होने पर शुभ फल भी देता है। इसके शुभ फल से व्यक्ति धनवान और राजयोग का सुख भी प्राप्त करता है।

 

राहु : कॅरियर में उन्नति का कारक...

पंडित डीएस शास्त्री के अनुसार दरअसल राहु प्रदर्शन कराने वाला होता है। यह गुब्बारे जैसा होता है, जो जगह अधिक घेरता है, जबकि अंदर से खाली होता है। ऐसे में राहु अति आत्मविश्वासी भी बनाता है जो बाद में परेशानी का कारण बनता है। वहीं यदि इसके कारण आने वाले अति आत्मविश्वास पर को व्यक्ति नियंत्रण में रखता है, तो यह व्यक्तित्व का काफी प्रसार करता है। राहु के चलते व्यक्ति बहिर मुखी हो जाता है अपनी बात को सबके सामने रखने में निपुण हो जाता है। वैसे यह भी देखा गया है कि कई बार व्यक्ति को इसके चलते कॅरियर में अच्छी उन्नति भी मिलती है। विज्ञापन, राजनीति, मार्केटिंग, सेल्स संबंधित क्षेत्र से जुडे लोगों को इस राहु से लाभ भी होता है।

राहु का ये परिवर्तन हमारी राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा, जानिये यहां...

राशियों पर असर...
1. मेष राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
मेष राशि में इस समय राहु का गोचर राशि से दूसरे यानि धन भाव मेंं है। इस समय आपको अपने खर्चे और वाणी पर काबू रखना होगा। कुछ ऐसे खर्चे भी हो जाएंगे जो बेवज़ह होंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप इतना खर्च कर बैठे। अपने कार्यस्थल में अपने अहम को हावी न होने दें नहीं तो नुकसान आपका ही होगा, जो आपके मानसिक तनाव का कारण बनेगा। नौकरी में भी किसी तरह का तनाव भरा माहौल बना रहेगा।

उपाय - श्री अष्ट लष्मी जी का नित्य पाठ करें।

2. वृषभ राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
राहु का गोचर इस समय आपकी ही राशि यानि लग्न भाव में रहेगा। इस गोचर के दौरान आप किसी तरह की ग़लतफ़हमी के शिकार हो सकते है और बिना बात का मानसिक तनाव भी बना रहेगा। इस गोचर के दौरान आर्थिक मामलों में भी सावधानी के साथ खुद पर क़ाबू रखेंं। माता का सहयोग आपके जीवन में बना रहेगा। वैवाहिक जीवन में किसी ग़लतफहमी की वज़ह से आपसी तनाव बढ़ सकता है।

उपाय - श्री महाविष्णु स्तोत्रम जी का नित्य पाठ करें।

3. मिथुन राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
आपकी राशि से राहु का गोचर द्वादश/बारहवें भाव यानि व्यय भाव में रहेगा। बारहवें भाव का यह गोचर विदेश यात्रा के लिए शुभ रहेगा परंतु अत्यधिक ख़र्चों के लिए बेहतर नहीं रहेगा। वहीं वैवाहिक जीवन में पूर्व में किसी ग़लतफहमी की वज़ह से जो आपसी तनाव बढ़ गया था, उसमें राहत मिलेगी। आपका रुका हुआ धन या किसी को दिया हुआ धन वापिस मिल सकता है। आप अपने परिवार के साथ भी समय बिता पाएंगे।

उपाय - श्री कुबेर मंत्र जी का नित्य पाठ करें।

4. कर्क राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
कर्क राशि से इस समय ग्याहरवें भाव यानि आय भाव में राहु का गोचर रहेगा। यह समय आर्थिक स्थिति के लिए बहुत बेहतर रहेगा। आपके धन से जुड़े सपने पूर्ण होंगे और समाज में नई पहचान बनेगी। व्यवसाय को लेकर नये प्रोजेक्ट मिलेंगे जिसमें आपने ईमानदारी से ही कार्य करना है। इस समय आये हुए धन को सही जगह निवेश करें तभी यह धन आपके पास टिका रहेगा नहीं तो जिस तरह से धन आएगा उसी तरह से खर्च भी हो जाएगा। वैवाहिक सुख को लेकर कुछ तनाव सा बना रह सकता है क्योंकि काम की व्यस्तता के कारण भी आप घर परिवार में समय नहीं दे पाएंगे।

उपाय - श्री लक्ष्मी जी की आरती नित्य करें।

5. सिंह राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
इस समय राहु का गोचर आपकी राशि से दसवें भाव यानि कर्म भाव में रहेगा। इस समय में आप कार्य को लेकर कुछ भ्रम की अवस्था में आ सकते हैं। यह समय नये कार्य के लिए बेहतर नहीं है। आर्थिक स्थिति को लेकर भी तंगी रहेगी। किसी कार्य में निवेश भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है। कुल मिलाकर कोई भी कदम जल्दबाज़ी में न उठाएं। वैवाहिक जीवन में आपके साथी का आपको पूरा सहयोग मिलेगा और आर्थिक रुप से भी वह आपकी मदद करने की कोशिश करेंगे।

उपाय - श्री शनि देव जी की आरती नित्य करें।

6. कन्या राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
कन्या राशि से इस समय राहु का गोचर नवे भाव यानि भाग्य भाव में रहेगा। इस समय में आपकी आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और धार्मिक यात्राओं का भी संयोग बनेगा। पिता के साथ किसी प्रकार के मतभेद से बचें और उनकी सेहत का भी ध्यान रखें। वहीं किसी कारण से रुकावट आने से समय से काम नहीं बन पाएंगे। आप किसी भी काम की शुरुआत तो बहुत ही जोश और उत्साह में आ कर करेंगे पर किसी भ्रम में फँस कर मानसिक परेशानी भी महसूस करेंगे। व्यवसाय क्षेत्र में अत्यधिक आत्मविश्वास से बचें और निवेश करते समय किसी सीनियर की सलाह अवश्य ले लें।

उपाय - श्री गणपति जी की आरती नित्य करें।

7. तुला राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
इस समय तुला राशि में राहु का गोचर राशि से आठवें यानि आयु भाव में रहेगा। राशि से अष्टम भाव में गोचर होने से अचानक किसी शोध में रुचि होगी विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा। व्यवसाय में समय पहले से बेहतर रहेगा आपको नये प्रोजेक्ट में काम भी मिलेगा और कार्य पूरा होने पर प्रशंसा भी मिलेगी। बॉस की नज़रों में आपकी मेहनत उजागर होने से आपको प्रमोशन मिलने की संभावना भी है। इस समय आप जिस से प्रेम करते है, उससे कोई बात न छुपाएं, कोई ऐसी बात होगी जो उनको बाहर से पता चलेगी जिस वज़ह से प्रेम में खटास आ सकती है।

उपाय - श्री महादेव जी की आरती नित्य करें।

8. वृश्चिक राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
राहु का गोचर इस समय आपकी राशि से सप्तम यानि विवाह भाव में रहेगा। जिसके चलते आप अपने वैवाहिक जीवन को लेकर तनाव में रहेंगे, किसी प्रकार की ग़लतफ़हमी की वज़ह से आपसी दूरी हो सकती है। यह स्थिति आपसी प्रेम में खटास से भर देगी। वहीं व्यापार में किसी तरह के लेन देन को ले कर सावधान रहें। अपने साझेदार पर भी आंख बंद कर विश्वास न करें। धन से जुड़े कार्य में संभल कर रहें। अचानक अधिक ख़र्चों की वज़ह से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। अपने मित्रों में अधिक समय खराब न करें।

उपाय - श्री गुरु गायत्री मंत्र का 108 बार ध्यान / पाठ करें।

9. धनु राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
इस समय राहु का गोचर आपकी राशि से छठें यानि शत्रु व रोग भाव में रहेगा। इस भाव में राहु बहुत शुभ फल देता है और शत्रुओं पर विजय देता है। कोर्ट कचहरी में कोई केस चल रहा था तो यह राहु आपको जीत दिलाएगा। अब तक किसी वाद विवाद को लेकर परेशान थे तो वहां से भी ये राहु बाहर निकाल लाएगा। विदेश जाने का सपना भी इसी गोचर के दौरान सच हो सकता है। वैवाहिक जीवन में ये राहु कुछ परेशानी ला सकता है। आपसी मतभेद की वज़ह से मानसिक तनाव बना रहेगा। व्यवसाय में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और आप उत्साह और जोश के साथ आगे बढ़ेंगे।

उपाय - श्री शनि गायत्री मंत्र का 108 बार ध्यान / पाठ करें।

10. मकर राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
मकर राशि से राहु का गोचर पांचवें यानि सोच व बुद्धि भाव में रहेगा। यह गोचर आपकी सोच में भ्रम महसूस कराएगा। इस समय आप निर्णय लेने में खुद को कमज़ोर महसूस करेंगे। संतान के साथ किसी ग़लतफ़हमी की वज़ह से तनाव हो सकता है। आपको नकारात्मक विचारों का सामना करना पड़ सकता है। इस वज़ह से मानसिक तनाव भी बना रहेगा। इस साल किसी मित्र से आपकी अनबन हो सकती है और धन को लेकर भी वाद- विवाद हो सकता है। इस समय में किसी भी विषय में बदलाव के बारे में न सोंचे। संतान की सेहत का ध्यान रखें और उनकी शिक्षा का विशेष रुप से ध्यान रखें।

उपाय - श्री रूद्र मंत्र का 108 बार ध्यान / पाठ करें।

11. कुम्भ राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
इस समय आपकी राशि से राहु का गोचर चतुर्थ यानि सुख व माता के भाव में रहेगा। जिससे पारिवारिक जीवन से थोड़ी असंतुष्टि हो सकती है और आपको अति व्यस्तता के चलते परिवार से दूर जाना पड़ सकता है। ऐसे में अपने परिवार को अपना पूरा समय दें जिससे आप के बीच में प्रेम बना रहे। व्यवसाय में कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना हो तो बहुत ही सोच समझकर लें। जल्दबाज़ी में कोई नया काम न करें और न ही निवेश करें। इस समय मानसिक परेशानी के साथ माता से भी किसी ग़लतफ़हमी की वज़ह से मतभेद हो सकता है।

उपाय - श्री गायत्री मंत्र का 108 बार ध्यान / पाठ करें।

12. मीन राशि पर राहु गोचर 2020 का असर :
इस समय राहु का गोचर आपकी राशि से तीसरे यानि पराक्रम भाव में रहेगा। राहु का यह गोचर आपकी सभी परेशानी दूर करेगा और उत्साह व आत्मबल बढ़ाएगा। यह समय नया काम करने के लिए भी उत्तम रहेगा। राहु का तीसरे भाव में गोचर बहुत शुभ माना जाता है। इस समय में आपका साहस और पराक्रम बना रहेगा और आप जो भी कार्य करेंगे वह अपने आधार पर करेंगे। आपको किसी का सहयोग मिले या न मिले, आप खुद ही अकेले आगे बढ़ सकते है। इस गोचर के सहयोग से भी आप अपने व्यवसाय में कुछ नया कर दिखाने में कामयाब होंगे। अगर आपकी खेल में रुचि है तो इस वक्त आप किसी बड़े पड़ाव पर जा कर खेल सकते है। वैवाहिक जीवन के लिए यह राहु कुछ भ्रम ला सकता है। आय और लाभ के लिए भी यह समय अच्छा है।

उपाय - श्री हनुमान अष्टक का नित्य 9 बार पाठ करें।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/good-and-bad-effects-of-rahu-parivartan-on-23rd-september-2020-6397695/

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