पीपल करेगा आपकी हर मनोकामनाएं पूरी: लेकिन इस दिन ना चढ़ाएं जल, वरना हो जाएंगे कंगाल

हिन्दू धर्म में पीपल को बेहद शुभ वृक्ष माना गया है। पीपल की पूजा को शास्त्रों में बहुत ही चमत्कारी परिणाम देने वाला बताया गया है। पीपल वृक्ष की शनिवार के दिन विशेष पूजा करने से व्यक्ति के सभी संकट दूर होने के साथ धन, समृद्धि, यश, कीर्ति आदि की भी प्राप्ति भी होने लगती है। लोगों का मानना है कि पीपल के वृक्ष में शनिदेव का वास होता है। इसलिए लोग कई बार पीपल के वृक्ष में जल देते हैं। पीपल में जल देने के पीछे एक मान्यता यह है कि ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। साथ ही आरोग्यता का वरदान भी मिलता है। अगर को प्रतिदिन या फिर शनिवार के दिन पीपल वृक्ष का दिन में इन दो समय इस विधि से पूजन करता है तो उसके पूर्वज पित्र प्रसन्न व तृप्त होकर सभी मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद देते हैं। वहीं एक दिन ऐसा भी है कि जिस दिन इस पेड़ पर जल चढ़ाने की आपने गलती कर दी तो समझिए आर्थिक रूप से कंगाली तय है।

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Peepal

ऐसे करें पीपल की पूजा
प्रतिदिन या शनिवार के दिन सूर्योदय के कुछ समय पूर्व एवं सूर्यास्त के तुरंत बाद अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना से दोनों ही समय पीपल वृक्ष के पास जाकर पहले सरसों के तेल का एक दीपक व सुंगंधित धुप जलावें, फिर हल्दी, कुमकुम, चावल, पुष्प से पूजन कर शक्कर मिला मीठा जल एक लोटा चढ़ावें। जल चढ़ाने के बाद थोड़ा सा शक्कर या गुड़ का प्रसाद पीपल की जल में चढ़ा दें। अब पीपल पेड़ की 11 परिक्रमा पित्रों का आशीर्वाद प्राप्त हो इस भाव से करें। उक्त क्रम दोनों समय करना है, कुछ ही दिनों में लाभ दिखाई देने लगेगा।

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Peepal

पुण्‍यकारी है पीपल का पेड़
हिन्दू धर्म में पीपल का पेड़ अधिक पूजनीय माना गया है, इस पेड़ पर देवताओं का वास माना गया है। पीपल को विश्ववृक्ष, चैत्य वृक्ष और वासुदेव भी कहा जाता है। श्रीमद्भागवत गीता में स्‍वयं भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि ‘वृक्षों में मैं पीपल हूं’। शास्‍त्रानुसार पीपल की जड़ में ब्रह्मा, तने या मध्य भाग में भगवान विष्णु और पीपल के अग्र भाग में भगवान शिव स्‍वयं वास करते हैं। इसके फलों में सभी देवताओं का वास होता माना गया है। अथर्ववेद और छान्दोग्योपनिषद् में पीपल के पेड़ के नीचे देवताओं का स्वर्ग बताया गया है।


इस दिन जल चढ़ाना है वर्जित
इसी कारण वश ऐसा कहा गया है कि पीपल के पूरे पेड़ की पूजा होनी चाहिए, विधि-विधान और नियम पूर्वक पीपल की पूजा करने से मन की सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। जो भी इन नियमों के तहत पीपल की पूजा नहीं करता है उसे जीवन भर कष्ट ही भोगना पड़ता है। अमावस्या और शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान चालिसा का पाठ करने से बहुत लाभ मिलता है, शनिवार को रात के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से मनुष्य के जीवन में खुशहाली आती है। मनुष्य को सभी जगह सफलता भी मिलती है। जबकि रविवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना वर्जित माना गया है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके जीवन में कंगाली आ जाती है। रविवार के दिन कभी भी पीपल के पेड़ पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/do-not-offer-water-on-peepal-on-this-day-otherwise-you-will-become-po-6478238/

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