व्रत-उपवास नहीं कर पा रहे हैं तो छोटी कन्याओं के शिक्षा के लिए करें धन का दान, अष्टमी और नवमी पर भेंट में दें नए कपड़े

गुरुवार, 22 अक्टूबर को नवरात्रि का छठा दिन है। आज सहित नवरात्रि के 4 दिन शेष हैं। 25 अक्टूबर को नवमी तिथि है। इन दिनों में देवी पूजा के साथ ही दान-पुण्य भी करना चाहिए। दान करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार देवी दुर्गा उन लोगों पर विशेष कृपा बरसाती हैं जो धर्म के अनुसार कर्म करते हैं और दूसरों की मदद करते हैं।

नवरात्रि में छोटी कन्याओं की पूजा करने की परंपरा है। इन दिनों में कन्याओं को शिक्षा से जुड़ी चीजें, वस्त्र और श्रृंगार की चीजें भेंट करनी चाहिए।

छोटी कन्याओं की करें पूजा और भोजन कराएं

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के दिन खासतौर पर छोटी कन्याओं को भोजन कराने की परंपरा है। इस दिन इनकी पूजा भी करनी चाहिए। भोजन और पूजन के बाद खेल और मनोरंजन की चीजें, शिक्षा सामग्री जैसे पेन, स्केच पेन, पेंसिल, कॉपी, ड्राइंग बुक्स, वॉटर बॉटल, कलर बॉक्स, लंच बॉक्स आदि चीजें दी जा सकती हैं।

नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर छोटी कन्या का सुंदर श्रृंगार करें या श्रृंगार की चीजें उपहार में दें। कन्या के पैरों की पूजा करनी चाहिए। पैरों पर चावल, फूल और कुंकुम अर्पित करें। भोजन कराएं। दक्षिणा अवश्य दें।

नवरात्रि की अंतिम तिथि यानी नवमी पर कन्या को खीर-पूरी खिलानी चाहिए। छोटी कन्या के पैरों में महावर और हाथों में मेहंदी लगाएं। घर पर हवन का आयोजन किया है तो कन्याओं के हाथों से हवन समिधा अवश्य डलवाएं। कन्याओं को लाल चुनरी भेंट में दें। दुर्गा चालीसा की पुस्तकें दें। लाल रंग की ड्रेस उपहार में देना चाहिए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
navratri 2020, worship to goddess durga in navratri, kanya puja in navratri, significance of kanya pujan


Comments