बहुत कम लोग जानते हैं महाभारत के ये रहस्य, जानकर आप भी होंगे हैरान

नई दिल्ली। हम सभी बचपन से धार्मिक ग्रंथ महाभारत की कहानी पढ़ते और सुनते आए है। लॉकडाउन के दौरान रामायण और महाभारत का एक बार फिर टीवी पर प्रसारित किया गया। जो लोग महाभारत को नहीं देख सके उनके लिए यह शानदार मौका था। भारत का प्राचीन इतिहास ग्रंथ 'महाभारत' कई रहस्यों से भरा हुआ है। इसका प्रत्येक पात्र अपने आप में एक रहस्य है। जिसके बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं। लेकिन कई रहस्य ऐसे भी हैं जिनके बारे में शायद कोई नहीं जानता। आइए आपको ऐसे ही एक अनसुने रहस्य के बारे में बताते हैं।

महाभारत में एक नहीं तीन कृष्ण थे
क्या आप जानते हैं कि महाभारत काल में एक नहीं बल्कि तीन-तीन कृष्ण थे। दरअसल, पहले कृष्ण तो थे विष्णु जी के अवतार और दूसरे कृष्ण का नाम है महार्षि वेदव्यास जिन्होंने महाभारत की रचना की थी। इनका असली नाम श्रीकृष्ण द्वैपायन था। इसके पीछे एक कथा भी प्रचलित है। कथा के अनुसार, वेदव्यास का रंग सांवला था और उनका जन्म एक द्वीप पर हुआ था, इसीलिए उनका नाम श्रीकृष्ण द्वैपायन पड़ गया।

 

यह भी पढ़े :— पाकिस्तान में भी लगते हैं देवी मां के जयकारे, होती है विशेष पूजा, दुनियाभर से लोग जाते हैं दर्शन को

mahabharat12.jpg

एकमात्र कौरव है जो महाभारत के दौरान नहीं मरा
बहुत कम लोग ही जानते है कि महाभारत के दौरान एकमात्र कौरव है जो नहीं मरे थे। वह युयुत्सु धृतराष्ट्र का ऐसा पुत्र था जो महाभारत का युद्ध खत्म होने के बाद भी जीवित बचा हुआ था। आपको बता दें कि युयुत्सु का जन्म धृतराष्ट्र की पत्नी से नहीं हुआ था। वह एक दासी की संतान थे।

यह भी पढ़े :— ईडाणा माता मंदिर : देवी खुद करती हैं अग्नि स्नान, आग लगना व बुझना आज भी है रहस्य

दुर्योधन के बराबर थी युयुत्सु की उम्र
सभी के लिए चौंकाने वाली बात है कि दासी से युयुत्सु का जन्म हुआ। खास बात यह है कि युयुत्सु की उम्र करीब दुर्योधन की बराबर थी। ऐसा कहा जाता है दुर्योधन ने द्रौपदी के स्वयंवर में भाग नहीं लेने की यह ही वजह थी।

दुर्योधन ने इसलिए नहीं लिया स्वयंवर में हिस्सा
महाभारत में दुर्योधन का विवाह पहले से ही कलिंग की राजकुमारी भानुमती से हो चुका था। शादी के बाद दुर्योधन ने अपनी पत्नी को वचन दिया था कि वह दोबारा किसी से विवाह नहीं करेंग। इसलिए दुर्य़ोधन ने द्रौपदी के स्वयंवर में भाग नहीं लिया।

सारे कौरव नहीं थे पांडवों के खिलाफ
इसी प्रकार बहुत कम लोग जानते हैं कि सारे कौरव, पांडवों के खिलाफ नहीं थे। यह भी जानकर हैरानी होगा कि लेकिन यह सच है। धृतराष्ट्र के पुत्र युयुत्सु और विकर्ण ने पांडवों के खिलाफ किये कौरवों के काम का विरोध किया था। आप को यह भी जानकार हैरानी होगी कि उन्होंने भरे दरबार में द्रौपदी के चीरहरण का भी विरोध कड़ा विरोध किया था।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/you-will-be-surprised-to-know-this-secret-of-mahabharata-6484561/

Comments