Pradosh Vrat: 28 अक्तूबर को प्रदोष व्रत, जानें कामना के अनुसार कैसे करें शुरू

हिंदू धर्म में प्रदोष और एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत भगवान शंकर जी को समर्पित होता है। 28 अक्तूबर, बुधवार को शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाएगा। यह पावन व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है। यह व्रत जिस दिन पड़ता है, उस दिन के देवता एवं ग्रह का आशीर्वाद भी प्रदान करता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है।

चंद्रदेव ने रखा था पहला प्रदोष व्रत
मान्यता है कि प्रदोष व्रत को सबसे पहले चंद्रदेव ने किया था, जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रमा का क्षय रोग खत्म हो गया था। त्रयोदशी के दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत सौ गायों के दान के बराबर पुण्य प्रदान करता है। वैसे तो प्रदोष-व्रत को किसी भी मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से प्रारंभ किया जा सकता है लेकिन कामना विशेष के लिए इसे दिन विशेष को ही प्रांरभ करना चाहिए।

प्रदोष व्रत पूजा विधि
प्रदोष व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं। शिव संग माता पार्वती की पूजा करना बिल्कुल न भूलें। पूजन के बाद रुद्राक्ष की माला से 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का कम से कम एक माला जप करें। पूजन के पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करके सभी को प्रसाद बांटें और किसी ब्राह्मण को अपने सामर्थ्य के अनुसार भोजन, दक्षिणा आदि दान दें।

 


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pradosh vrat 2020

प्रदोष व्रत को अलग-अलग कामना के लिए किया जाता है. आप भी जानिए भक्तों की अलग-अलग इच्छाएं.....

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1. सुख-सौभाग्य के लिए
अगर यदि आपको सुख-सौभाग्य और संपत्ति आदि की कामना है तो जिस त्रयोदशी को शुक्रवार पड़े, उस दिन से प्रदोष व्रत रखना प्रारंभ करें।


2.लंबी उम्र पाने के लिए
यदि आप लंबी आयु की कामना रखते हैं तो आपको जिस त्रयोदशी के दिन रविवार पड़े, उस दिन से यह व्रत प्रारंभ करना चाहिए।

3. संतान सुख के लिए
पुत्र प्राप्ति या संतान सुख के लिए प्रदोष का पावन व्रत शुक्लपक्ष की जिस त्रयोदशी को शनिवार पड़े, उस दिन से व्रत शुरू करना चाहिए।


4. कर्ज से मुक्ति के लिए
यदि तमाम प्रयासों के बावजूद आपके सिर से कर्ज का बोझ नहीं दूर हो रहा है तो आप जिस त्रयोदशी को सोमवार पड़े, उस दिन से इस पावन व्रत को प्रारंभ करें।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/pradosh-vrat-2020-october-pradosh-vrat-importance-and-puja-vidhi-6483372/

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