सूर्य को जल चढ़ाने से होते ये 7 बड़े चमत्कार, मिलेंगे ये फायदे और दूर होंगी बीमारियां

1 सूर्य को जल चढ़ाने के होते कई फायदे
भारतीय संस्कृति में देवताओं के पूजा-पाठ का बड़ा महत्व है। शास्त्रों के मुताबिक, देवताओं की संख्या 33 कोटि है। लेकिन इनमें से दो देवता ऐसे हैं जो पृथ्वी पर हर रोज दिखते हैं। सृष्टि जब से प्रारंभ हुई है लोग सूर्य और चंद्रमा की पूजा करते आ रहे हैं। वेदों और पुराणों में भी इस बात का उल्लेख मिलता है। पौराणिक सीरियल महाभारत और रामायण में भी सूर्य की पूजा के महत्व का उल्लेख किया गया है। भगवान राम खुद सूर्य देव की पूजा करते थे और उन्हें जल से अर्घ्ध देते थे। महाभारत काल में पांडवों की माता कुंती सूर्य देव की भक्त थीं। कण भी नियमित रूप से सूर्य अर्घ्य देने के बाद दान करते थे। दरअसल, सूर्य को अर्घ्य देने के कई फायदे हैं। आपको भी हर दिन सूर्य देवता को अर्घ्य देना चाहिए।

2 हर दिन चढ़ाए जल
सुबह-सुबह हर दिन सूर्य को जल देने के कई फायदे हैं। इससे व्यक्ति की आंखें स्वस्थ्य रहती हैं। इसलिए जल देते समय व्यक्ति को जल पात्र सिर के सामने रखना चाहिए और गिरते जल को देखना चाहिए। इससे नेत्र दोष दूर होता है। जिनकी जन्मपत्री में सूर्य लग्न से 12वें या दूसरे घर में होता है उन्हें नेत्र रोग की आशंका रहती है ऐसे में उनके लिए यह उपाय बहुत ही लाभप्रद होता है। गोचर में भी सूर्य के इन स्थानों से गुजरने के दौरान यह उपाय लाभकारी रहता है।

3 नौकरी में होता है लाभ
सूर्य देव को जल चढ़ाने से हर इंसान की नौकरी में उन्नति और लाभ होता है। इससे आपके आत्मविश्वास बना रहेगा जिससे अधिकारीगण आपसे खुश रहते हैं। इसके लिए सूर्य को जल देना बहुत ही लाभप्रद होता है। इसकी वजह यह है कि ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को राजा, राजकीय क्षेत्र, पिता और नौकरी में अधिकारी का कारक माना गया है। सूर्य को जल देने से सूर्य का पिता और नौकरी में अधिकारी का कारक माना गया है। सूर्य को जल देने से अनुकूल फल प्राप्त होता है और इन सभी मामलों में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

4 हृदय रोग की आशंका कम होती है
सूर्य का संबंध हृदय से भी है। क्योंकि ये दोनों एक ही स्वामी के होते हैं। इसलिए हृदय को स्वस्थ्य रखने के लिए सूर्य को जल देना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। सूर्य को नियमित जल देने के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया जाए तो सूर्य अनुकूल बने रहते हैं जिससे हृदय पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हृदय रोग की आशंका कम होती है।

5 पिता से है सूर्य का संबंध
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य का संबंध पिता से बताया गया है। जन्मपत्री में सूर्य की अनुकूलता से पैतृक संपत्ति से सुख की प्राप्ति होती है। अगर पैतृक संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा है तो पिता से तालमेल नहीं बैठ रहा। सूर्य को उगते ही नियमित जल चढ़ाकर अर्घ्य देने से निश्चित ही लाभ प्राप्त होगा।

6 नौकरी में मिलेगा लाभ
अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो नियमित रूप से सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इससे सूर्य बलवान होेता है और सूर्य के बली होने पर सरकारी क्षेत्र से लाभ प्राप्ति का योग प्रबल होता है। इसलिए अपने प्रयास के साथ सूर्य की उपासना करते रहना चाहिए।

7 त्वचा रोग से मिलती है निजात
त्वचा संबंधी रोग से बचाव के लिए भी सूर्योपासना बड़ा महत्व है। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग होने पर सूर्य की उपासना करने की सलाह दी थी।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/benefits-of-offering-water-to-sun-devta-6511572/

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