क्रोध से मूर्खता उत्पन्न होती है, मूर्खता से सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है और इंसान स्वयं नष्ट हो जाता है

क्रोधित व्यक्ति अपना मुंह खोल लेता है और आंख बंद कर लेता है। तब उसे ये नहीं दिखता है कि वह किसके सामने बोल रहा है और उसके बोल से सामने वाले को तकलीफ हो रही है। वह सिर्फ बोलता रहता है।

क्रोध को मौन से काबू किया जा सकता है। अगर स्वभाव में क्रोध बढ़ता जा रहा है तो रोज ध्यान करना चाहिए। ध्यान करने से मन शांत रहता है और गुस्से को कंट्रोल कर सकते हैं।

जानिए क्रोध से जुड़े कुछ ऐसे विचार, जिन्हें अपनाने से हम इस बुराई को नियंत्रित कर सकते हैं...

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