कोई भूल या अपराध हो जाए तो उसके लिए माफी जरूर मांगें, संकल्प करें कि अब ये गलती नहीं दोहराएंगे

कहानी- महात्मा गांधी का एक किस्सा है। जब वे 15 साल के थे, तब उन्होंने चोरी की थी, वह भी अपने ही घर में। गांधीजी ने खुद बताया है कि एक बार उन्होंने अपने बडे़ भाई के सोने के कड़े में से कुछ सोना निकाल लिया था। उस समय उनको सुख-सुविधा के कुछ काम पूरे करने थे। उन्होंने चोरी तो कर ली, लेकिन बाद उन्हें एहसास हुआ कि ये मैंने अच्छा नहीं किया। वे सोचने लगे कि अब इस गलती को किसके सामने स्वीकार किया जाए?

गांधीजी के सामने सबसे बड़ी हस्ती उनके पिता ही थे। उन्हें डर भी लग रहा था कि अगर चोरी के बारे में बताऊंगा तो पता नहीं क्या सजा मिलेगी? दरअसल, गांधीजी सजा से डर रहे थे। फिर सोचा कि जो भी सजा मिले, उसे मानेंगे क्योंकि, गलती तो हुई ही है।

उन्होंने पिता को अपनी गलती के बारे चिट्ठी लिखी। पिता ने उसे पढ़ा। चिट्ठी के आखिरी में लिखा था कि मैं अपनी गलती मानता हूं और ये प्रायश्चित भी कर रहा हूं कि जीवन में अब कभी भी कोई गलत काम नहीं करूंगा। आप जो सजा देंगे वो भी मानूंगा।

चिट्ठी लिखने के बाद उनको लग रहा था कि अब सजा मिलेगी, पिता गुस्सा करेंगे लेकिन, उनके पिता की आंखों में आंसू आ गए, वे मौन हो गए। उनके इसी मौन ने गांधीजी का जीवन पूरी तरह बदल दिया। इस घटना के बाद पिता-पुत्र के बीच प्यार बढ़ गया और संसार को महात्मा गांधी के रूप में सबसे ईमानदार व्यक्ति मिल गया।

सीख- जागरुकता तो ये है कि हमसे कभी भी कोई गलत काम हो ही ना और अगर कोई गलती हो जाए तो उसका प्रायश्चित जरूर करें। माफी मांगें और संकल्प करें कि कभी कोई गलत काम नहीं करेंगे।

ये भी पढ़ें-

हमेशा अपने कामों में कुछ न कुछ प्रयोग करते रहना चाहिए, नए तरीके आपकी सफलता के महत्व को बढ़ा देते हैं

पांच बातें ऐसी हैं जो हमारे जीवन में अशांति और विनाश लेकर आती हैं, इन गलत आचरणों से बचकर ही रहें

जब लोग तारीफ करें तो उसमें झूठ खोजिए, अगर आलोचना करें तो उसमें सच की तलाश कीजिए

जीवन साथी की दी हुई सलाह को मानना या न मानना अलग है, लेकिन कभी उसकी सलाह का मजाक न उड़ाएं

कन्फ्यूजन ना केवल आपको कमजोर करता है, बल्कि हार का कारण बन सकता है

लाइफ मैनेजमेंट की पहली सीख, कोई बात कहने से पहले ये समझना जरूरी है कि सुनने वाला कौन है



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
aaj ka jeevan mantra by pandit vijay shankar mehta, motivational story of mahatma gandhi, motivational tips by pandit vijay shankar mehta


Comments