भूलकर भी ना तोड़े इस वार और इन तिथियों के दिन तुलसी के पत्ते!

 

धार्मिक शास्त्रों में तुलसी को बहुत अधिक महत्व दिया गया है। यहां तक कि तुलसी लगभग हर घर में पूजा होती है। इतना ही नहीं तुलसी कई सारी बीमारियों के लिए रामबाण होती है। तुलसी की जड़ से लेकर पत्तों तक कई गुण पाए जाते हैं। कई औषधियों में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन पत्ते तोड़ते वक्त कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। तो आइए जानते हैं तुलसी के पत्ते तोड़ते वक्त ध्यान में रखने वाली विशेष बातें...

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तुलसी की होती है देवी लक्ष्मी के रूप में पूजा
दरअसल, हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी को देवी लक्ष्मी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि भगवान श्री हरि का पूजन तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। विष्णु से जुड़ी हर पूजा में तुलसी पत्र का इस्तेमाल किया जाता है।

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कब तोड़े तुलसी के पत्ते
—शास्त्रों के अनुसार रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करने पर आप पाप के भागीदार बनते हैं।
—तुलसी के पत्ते कभी भी नाखूनों से नहीं तोड़ने चाहिए, इससे पाप लगता है।
—शाम के वक्त तुलसी को छूना गलत माना जाता है। फिर अगर शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने हो तो पहले पेड़ को हिलाए।
—अमावस्या, चतुर्दशी और द्वादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।

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—कहते हैं तुलसी जी एक वृक्ष नहीं है! साक्षात राधा जी का अवतार है। इसलिए प्रसाद स्वरूप अगर तुलसी मिल जाए तो उसे चबाकर नहीं खाना चाहिए।
—शिवलिंग पर कभी भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। क्योंकि भगवान शिव ने शंखचूड़ का वध किया था।
—अगर आपके घर में तुलसी का पौधा सूख जाए तो उसे किसी पवित्र नदी, तालाब और कुएं में प्रवाहित कर देना चाहिए।
—तुलसी का मुरझाया हुआ पौधा खाना अशुभ माना जाता है।



source https://www.patrika.com/astrology-and-spirituality/keeping-the-tulsi-leaf-breaks-the-attention-of-these-things-6497507/

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